राघोपुर : एनएच 57 व 106 के लिए अधिगृहित जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराये जाने को लेकर शनिवार को बैठक हुई. थाना परिसर में सीओ जगन्नाथ प्रसाद चौधरी की अध्यक्षता में स्थानीय लोगों के साथ आयोजित बैठक में एनएच 57 व 106 के अधिगृहित जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने में सहयोग देने की अपील लोगों से की गयी. बैठक में उपस्थित सिमराही निवासी नंदकुमार चौधरी ने कहा कि एनएच 57 के लिए एनएचएआइ द्वारा अधिगृहित किये गये तकरीबन 90 फीसदी रैय्यतों को विभाग द्वारा उनकी जमीन का भुगतान कर दिया गया है.
विभागीय रवैये असंतुष्ट सिर्फ 10 प्रतिशत रैयत उच्च न्यायालय का शरण लिये हैं. उक्त रैय्यतों का कहना है कि सिमराही बाजार जिले का व्यावसायिक केंद्र है. जहां के रैय्यतों को उनकी जमीन का भुगतान व्यावसायिक दर से किया जाना चाहिए. लेकिन विभाग द्वारा इस मामले की अनदेखी किये जाने के कारण अधिगृहित भूमि को रैयत खाली नहीं कर रहे हैं. उन्होंने एनएचएआई के पदाधिकारी व जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के ऊपर आरोप लगाते हुए सीओ को बताया कि उक्त लोगों के मनमानी पूर्ण रवैये के चलते एनएच 57 की जमीन अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पा रहा है.
लोगों ने बैठक को बताया कि डीएम द्वारा इस मामले पर पूर्व में इसी थाना परिसर में एनएच 57 को अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिए बैठक बुलायी गयी थी. जहां डीएम के समक्ष इस समस्या को रखा गया था. दिलीप पूर्वे ने कहा कि सिमराही व्यावसायिक बाजार है.
एनएचएआई द्वारा रैयतों के अधिगृहित जमीन का भुगतान व्यावसायिक दर पर होना चाहिए. कहा कि जिला प्रशासन बाजार में एक बैठक कर व्यावसायिक दर पर भुगतान कराने के दिशा में कार्रवाई करे तभी सिमराही बाजार एनएच 57 द्वारा अधिगृहित जमीन अतिक्रमण से मुक्त होगा. अन्यथा उच्च न्यायालय के फैसले तक प्रशासन को सिमराही बाजार को अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिए इंतजार करना होगा.
सीओ श्री चौधरी ने कहा कि हम इस फाइल का अध्ययन नहीं कर पाये हैं. उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर वर्तमान सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में प्रशासन को सहयोग करे. बैठक में विंदी प्रसाद गुप्ता ने अपना सुझाव देते हुए कहा कि सिमराही बाजार में बस स्टैंड नही रहने के चलते एनएच 57 व 106 पर ही वाहनों का स्टैंड बना हुआ है.
इस पर सीओ एवं थानाध्यक्ष ने उक्त सुझाव को अमल करने का आश्वासन दिया. मौके पर सचिन माधोगरिया, मुखिया विजय चौधरी, पंकज गुप्ता, दीपक गुप्ता, कमल प्रसाद यादव, नूर आलम, मो बसीर, मो अकरम, मो दाऊद, दिन मोहम्मद, राजू पोद्दार, देबु महासेठ, सरपंच रामेश्वर यादव आदि थे.
