सुपौल : सदर प्रखंड के रामदत्तपट्टी पंचायत में 14वीं वित्त योजना से बनाये गये पीसीसी सड़क की स्थिति काफी जर्जर है. पंचायतवासियों ने बताया कि स्थानीय मुखिया द्वारा सड़क निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गयी. बताया कि उक्त योजना मद से बनायी गयी सड़क के दोनों किनारे न तो फ्लैंक बनाया गया और न ही मानक अनुरूप सड़क का चौड़ीकरण ही कराया गया.
बताया कि फ्लैंक निर्माण नहीं किये जाने तथा पीसीसी ढलाई में मानक अनुरूप सामग्री नहीं दिये जाने के कारण सड़क जगह-जगह टूट-टूट कर बिखर रहा है. बताया कि पीसीसी सड़क ढलाई के दौरान जब भी मुखिया योगेंद्र साह को मानक अनुरूप सामग्री का उपयोग किये जाने साथ ही सरकार व विभाग द्वारा जारी स्टीमेट दिखाने को कहा गया तो वे लोगों को धमकाते हुए मुकदमा में फंसाने की बात कहते रहे.
लोगों ने यह भी बताया कि सरकारी मुलाजिमों से मिलीभगत कर जैसे- तैसे पीसीसी ढलाई कार्य को पूर्ण करा दिया गया. लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि 14 वीं वित्त योजना से बनाये गये दो सड़क को मुख्य सड़क से नहीं जोड़ा गया. जिस कारण लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है.
क्या है मामला : मालूम हो कि 14वीं वित्त योजना के तहत मुखिया श्री साह ने स्थानीय श्याम सुंदर स्वर्णकार के घर से दिनकर मंडल के घर तक चार लाख 74 हजार 400 की लागत से 410 फीट पीसीसी ढलाई सड़क का कार्य कराया. साथ ही इसी योजना से बेचन साह के घर से श्याम सुंदर स्वर्णकार के घर तक 650 फीट पीसीसी ढलाई सड़क निर्माण कार्य आठ लाख 22 हजार 900 रुपये की लागत से कराया.
पंचायत वासियों ने बताया कि सरकार द्वारा पंचायत के हरेक गली व मुहल्ले को मुख्य सड़क से जोड़े जाने के लिए लाखों करोड़ों की राशि खर्च की जा रही है. लेकिन स्थानीय मुखिया श्री साह द्वारा कराये गये पीसीसी ढलाई सड़क से स्वयं व उनके निकटतम लोगों को यातायात की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. लोगों ने बताया कि यातायात सुविधा के मद्देनजर मुखिया द्वारा प्राथमिकता को दरकिनार किया जाना समझ से परे है. इधर, मुखिया ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे पंचायत की राजनीति की संज्ञा दी है.
