64.95 किमी स्पर पर दबाव बरकरार

कोसी के जल स्तर में गिरावट के बावजूद भी पूर्वी तटबंध के 64.95 किलोमीटर स्पर पर पानी का भारी दबाव है. इससे स्पर पर कटाव का खतरा अब भी बना है. हालांकि कटाव को लेकर विभाग गंभीर है और अभियंता पल-पल इस पर नजर रख रहे हैं. इतना ही नहीं कटाव रोकने के लिये युद्ध […]

कोसी के जल स्तर में गिरावट के बावजूद भी पूर्वी तटबंध के 64.95 किलोमीटर स्पर पर पानी का भारी दबाव है. इससे स्पर पर कटाव का खतरा अब भी बना है. हालांकि कटाव को लेकर विभाग गंभीर है और अभियंता पल-पल इस पर नजर रख रहे हैं. इतना ही नहीं कटाव रोकने के लिये युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है.
सुपौल : कोसी के जल स्तर में काफी गिरावट हुई है. रविवार की सुबह 10 बजे कोसी बराज का डिस्चार्ज 1,23, 825 क्यूसेक रिकॉर्ड दर्ज किया गया. बावजूद पूर्वी तटबंध के 64.95 किलोमीटर स्पर पर पानी का भारी दबाव है.
इससे स्पर पर कटाव का खतरा अब भी बना है. हालांकि कटाव को लेकर विभाग गंभीर है और अभियंता पल-पल इस पर नजर रख रहे हैं. इतना ही नहीं कटाव रोकने के लिये युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है. मुख्य अभियंता प्रकाश दास ने बताया कि 64.95 किमी स्पर पर दबाव है. लेकिन स्थिति सामान्य है. कटाव निरोधी कार्य लगातार चल रहा है. पूर्वी तटबंध के 64.95 किलोमीटर स्पर पर कोसी का दबाव रविवार को भी दिखा. कटाव को लेकर आसपास के लोग सकते में है और उन्हें तरह-तरह की आशंका सता रही है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी घटने के कारण स्पर पर कटाव तेज हुआ है. बता दें कि सदर थाना क्षेत्र के बसबिट्टी के पास बने इस स्पर पर कई दिनों से पानी का दबाव बना हुआ है. कटाव के मद्देनजर अभियंताओं की देखरेख में कटाव निरोधी कार्य जारी है. करीब दो सप्ताह से स्पर पर दबाव बढ़ने के बाद विभाग सक्रिय हुआ और कटाव को रोकने के लिये कटाव निरोधी कार्य शुरू किये गये. सूत्रों की माने तो बाढ़ अवधि शुरू होने से पूर्व ही विभाग द्वारा बाढ़ निरोधात्मक कार्य कराये गये थे. करोड़ों की राशि भी खर्च हुई. इधर जब से 64.95 पर कटाव होने लगा तो फिर एक बार कटाव रोकने के लिये युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किये गये.
इसमें लाखों की राशि खर्च हो गयी. आपदा का कोई लेखा-जोखा नहीं होता. लेकिन सच ये है कि आनन-फानन में हो रहे कार्य में राशि के बंदरबांट होने की संभावना भी प्रबल रहती है. बीते 20 अगस्त को स्पर में अधिक दबाव की जानकारी मिलते ही अभियंता सहित जिला प्रशासन की नींद भी टूट गयी और सभी ने स्पर का मुआयना किया. मौजूद अभियंता को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये.
लगातार कटाव निरोधी कार्य के बावजूद भी स्पर पर पानी का भारी दबाव बना हुआ है. बहरहाल स्पर पर युद्ध स्तर पर कटाव को रोकने के लिये बोल्डर क्रेटिंग, परकोपाइन सहित आदि कार्य भी किये जा रहे हैं. 64.95 पर दबाव को लेकर सांसद रंजीत रंजन ने भी चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि पूर्व में अच्छी तैयारी होती तो शायद ऐसी नौबत नहीं आती. उन्होंने कहा कि विभाग को चाहिए कि कटाव निरोधी कार्य को और तेज किया जाय ताकि स्पर से पानी का दबाव हट सके.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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