Bihar Land Survey : भूमि सर्वे में मुसीबत बन रहा धीमा इंटरनेट, लोगों को हो रही परेशानी

Bihar Land Survey : आरटीपीएस काउंटर ऑपरेटर राकेश कुमार ने बताया कि काउंटर पर प्रत्येक रोज 1000 से 1200 फॉर्म आ रहे हैं, इंटरनेट सेवा कमजोर होने से सर्टिफिकेट मात्र एक दिन में 10 ही निकल पा रहे हैं.

बिहार में इन दिनों भूमि सर्वे का काम तेजी से हो रहा है. लेकिन सूबे में इंटरनेट की धीमी गति इस काम में  मुसीबत बन रहा है. ऐसा ही एक मामला कैमूर जिले के भभुआ अंचल से सामने आया है. यहां कार्यालय में इंटरनेट गति बिल्कुल धीमी है, जिससे आवश्यक कार्यों के लिए अंचल कार्यालय पहुंच रहे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जबकि, यह स्थिति एक महीने से लगातार बनी है.

भूमि सर्वे के काम में आ रही दिक्कत

जमीन के म्यूटेशन, जमीन की ऑनलाइन इंट्री, जमाबंदी, आय, आवासीय और जाति प्रमाण पत्र बनवाने भभुआ अंचल कार्यालय आ रहे हैं, लेकिन लोगों को निराशा का ही सामना करना पड़ रहा है. साथ ही बिहार सरकार द्वारा कराये जा रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य पर भी इसका बहुत बड़ा असर पड़ रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र से आये हुए लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. 

इंटरनेट की स्पीड कम होने से नहीं निकाल पा रहा सर्टिफिकेट 

आरटीपीएस काउंटर ऑपरेटर राकेश कुमार ने बताया कि काउंटर पर प्रत्येक रोज 1000 से 1200 फॉर्म आ रहे हैं, इंटरनेट सेवा कमजोर होने से सर्टिफिकेट मात्र एक दिन में 10 ही निकल पा रहे हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है. वहीं, प्रखंड में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने में भी लोगों को परेशानी हो रही है.

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काम छोड़कर ऑफिस का चक्कर काटने पर मजबूर 

वहीं ग्रामीण पिंटू ,अशोक सिंह, बिंदेश्वरी प्रसाद, राम सकल सिंह आदि लोगों ने बताया कि इंटरनेट सेवाएं धीमी होने की वजह से जरूरी कामों को छोड़ कर अंचल कार्यालय का चक्कर काटने पर मजबूर है. छात्र वाहिद असारी, एमडी इमरान, सोनू, अंजलि, श्वेता, खुशबू आदि ने बताया कि हम लोग जाति, निवास और ओबीसी के लिए तीन दिन से अंचल कार्यालय पर आ रहे है, लेकिन इंटरनेट गति धीमा होने से सर्टिफिकेट नहीं निकाल पा रहा है. जबकि, हम लोगों एनटीपीसी फॉर्म व कई प्रकार के रोजगार फॉर्म के साथ अपलोड करना है, लेकिन बहुत धीमी गति से इंटरनेट चलने से काफी परेशानी हो रही है.  

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लेखक के बारे में

Author: Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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