Siwan News : इस वर्ष के अंत में प्रस्तावित पंचायत चुनाव 2026 से पहले महाराजगंज प्रखंड की पंचायतों की भौगोलिक और प्रशासनिक संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. बिहार सरकार ने वर्ष 2011 की जनगणना और राजस्व गांवों के आधार पर पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही 10 वर्ष बाद नया आरक्षण रोस्टर भी लागू किया जाएगा.
16 से बढ़कर डेढ़ गुना तक हो सकती है पंचायतों की संख्या
वर्तमान में महाराजगंज प्रखंड में 16 पंचायतें हैं. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, परिसीमन के बाद पंचायतों की संख्या कम-से-कम डेढ़ गुना तक बढ़ सकती है. नई व्यवस्था के तहत न्यूनतम 7 हजार की आबादी पर एक पंचायत का गठन किया जाएगा. यदि दो राजस्व गांवों की संयुक्त आबादी 7 हजार या उससे अधिक होती है, तो नई पंचायत का गठन किया जा सकेगा. प्रशासन क्षेत्रवार जनसंख्या का आकलन कर रहा है और इसके आधार पर जल्द ही पंचायतों का सीमांकन किया जाएगा.
10 साल बाद लागू होगा नया आरक्षण रोस्टर
प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) बिंदु कुमार ने बताया कि पंचायत चुनाव 2026 नए आरक्षण रोस्टर के आधार पर कराया जाएगा. नए रोस्टर में अनुसूचित जाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों में बदलाव होगा. उन्होंने बताया कि आबादी के आंकड़ों के आधार पर आरक्षण तय किया जाएगा. इसी रोस्टर के अनुसार मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच और जिला परिषद सदस्य के पदों का चुनाव होगा. नए आरक्षण लागू होने से जिला परिषद अध्यक्ष, प्रमुख, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और सरपंच पदों के आरक्षण में भी बदलाव की संभावना है.
सबसे अधिक आबादी वाले गांव के नाम पर होगी पंचायत
परिसीमन के दौरान यदि किसी पंचायत में एक से अधिक गांव शामिल होंगे, तो पंचायत का नाम और मुख्यालय सबसे अधिक आबादी वाले गांव के नाम पर निर्धारित किया जाएगा. यदि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग की संयुक्त आबादी 50 प्रतिशत से अधिक होगी, तो संबंधित वर्ग की सर्वाधिक आबादी वाले गांव के नाम पर पंचायत का नाम रखा जाएगा.
महाराजगंज प्रखंड में वर्तमान स्थिति
महाराजगंज प्रखंड में वर्तमान में 16 पंचायतें और दो जिला परिषद क्षेत्र हैं. मुखिया और सरपंच के 16-16 पद हैं, जबकि पंचायत समिति सदस्य के 22 पद हैं. इसके अलावा पंच और वार्ड सदस्य के पदों के लिए भी चुनाव होता है. पंचायती राज विभाग ने बीडीओ और प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (बीपीआरओ) को नए आरक्षण रोस्टर का निर्धारण नियमानुसार करने का निर्देश दिया है.
दावा-आपत्तियों के बाद जारी होगी अंतिम अधिसूचना
परिसीमन का प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार होने के बाद इसे प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर पर सार्वजनिक किया जाएगा. इसके बाद आम लोगों से दावा और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी. सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही अंतिम अधिसूचना जारी होगी.
ऐसे तय होगा आरक्षण रोस्टर
नए आरक्षण रोस्टर के तहत पहले अनुसूचित जाति, फिर अत्यंत पिछड़ा वर्ग और उसके बाद महिलाओं की आबादी के आधार पर सीटों का आरक्षण निर्धारित किया जाएगा. यदि किसी प्रखंड में अनुसूचित जाति के लिए चार सीटें आरक्षित हैं, तो सर्वाधिक एससी आबादी वाली पंचायतों को घटते क्रम में आरक्षित किया जाएगा. यही प्रक्रिया अत्यंत पिछड़ा वर्ग और महिला आरक्षण के लिए भी अपनाई जाएगी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि आरक्षण निर्धारण में केवल जनसंख्या ही नहीं, बल्कि सामाजिक बसावट का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा.
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