प्रतिनिधि, सीवान. सोमवार को शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आयी. रोजाना हजारों लोग घंटों जाम में फंसकर परेशान हो रहे हैं. जेपी चौक से बबुनिया मोड़ तक महज 500 मीटर की दूरी तय करने में 25 मिनट से अधिक समय लग रहा है, जबकि पहले यह कुछ ही मिनटों का काम था. अस्पताल मोड़ के पास एम्बुलेंस भी जाम में फंसकर मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है. पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने पिछले महीने शहर के दस प्रमुख जाम प्वाइंट, जेपी चौक, गोपालगंज मोड़, स्टेशन मोड़, बड़हरिया बाइपास, तरवारा मोड़, आंदर ढाला, हॉस्पिटल मोड़, दारोगा राय कॉलेज मोड़ आदि पर वरीय पदाधिकारियों की तैनाती की थी. इन स्थानों पर कैमरा और हैंड-हेल्ड डिवाइस से लैस पुलिसकर्मी निगरानी कर रहे हैं.साथ ही दर्जनों अतिरिक्त ट्रैफिक जवानों की तैनाती कर नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे. एसपी ने शहर का भ्रमण कर यातायात सुधार का आश्वासन दिया था. लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा. अतिक्रमण, ठेले-खोमचे, इ-रिक्शा और अनियंत्रित पार्किंग से सड़कें संकरी बनी हुई हैं. ट्रैफिक लाइट्स की कमी और वाहनों की बढ़ती संख्या ने समस्या को और गंभीर कर दिया है. स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि प्रशासन की कोशिशें कागजी ही साबित हो रही हैं. शहर के 11 स्थानों।पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने का काम धीमा ट्रैफिक जाम से राहत के लिए जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने शहर के 11 प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने के निर्देश दिए थे. इनमें जेपी चौक, गोपालगंज मोड़, अस्पताल मोड़, बबुनिया मोड़, तरवारा मोड़, हरदिया मोड़, स्टेशन मोड़, दारोगा प्रसाद राय कॉलेज बाइपास मोड़, फतेहपुर बाइपास मोड़, फतेहपुर-अस्पताल बाइपास मोड़ और ललित बस स्टैंड-सिसवन ढाला शामिल हैं. नगर परिषद को पुलिस से समन्वय कर सिग्नल, लेन मार्किंग और पैदल क्रॉसिंग स्थापित करने का आदेश मिला. हालांकि, 07 मार्च तक कार्यान्वयन धीमा है. कुछ जगहों पर तैयारी और डीपीआर प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन लगाने का कार्य लंबित है. बोले जिम्मेवार जाम से निजात के लिए चौक चौराहों पर पदाधिकारी व जवानों की तैनाती की गई हैं. जो लोग अतिक्रमण किये हैं उनपर भी कार्रवाई होगी. अभय नंदन कुमार,थानाध्यक्ष यातायात
जिला प्रशासन का ट्रैफिक सिस्टम फेल
सोमवार को शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आयी. रोजाना हजारों लोग घंटों जाम में फंसकर परेशान हो रहे हैं. जेपी चौक से बबुनिया मोड़ तक महज 500 मीटर की दूरी तय करने में 25 मिनट से अधिक समय लग रहा है, जबकि पहले यह कुछ ही मिनटों का काम था.
