पुरवा हवा के चलने से तापमान में आयी गिरावट

. दो दिनों से तेज पुरवा हवा चलने के कारण तापमान में करीब छह डिग्री सेल्सियस गिरावट आई है.तापमान में कमी से लोगों को गर्मी से राहत मिली है.रविवार की तुलना में सोमवार को 13 किमी की रफ्तार से पुरवा हवा चल रही थी इसका असर तापमान पर भी पड़ा.

प्रतिनिधि, सीवान. दो दिनों से तेज पुरवा हवा चलने के कारण तापमान में करीब छह डिग्री सेल्सियस गिरावट आई है.तापमान में कमी से लोगों को गर्मी से राहत मिली है.रविवार की तुलना में सोमवार को 13 किमी की रफ्तार से पुरवा हवा चल रही थी इसका असर तापमान पर भी पड़ा. मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया.अप्रैल माह के शुरुआत से ही तपती गर्मी ने आमजन को परेशान कर दिया था.दिन चढ़ने के साथ तापमान में वृद्धि से लोगों का राह चलना दुश्वार हो गया था. वहीं पछुआ हवा चलने से लोग लू की चपेट में आकर बीमार पड़ने लगे थे.मनुष्यों के साथ पशु-पक्षी भी गर्मी से बेहाल थे. गर्मी ऐसी कि देर शाम तक लोग परेशान रह रहे थे.लेकिन पिछले दो दिनों से पुरवा हवा का प्रभाव बढ़ने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल गई है. रात में तेज पुरवा हवा के कारण सुबह का तापमान कम होने से वातावरण में नमी बनी हुई है. चार दिनों तक रहेगी राहत मौसम विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार गिरी ने बताया कि आने वाले दो-तीन दिनों में आसमान में बादल छाए रहने के कारण अधिकतम तापमान में थोड़ी और गिरावट आने की संभावना है.चार दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है.इस दौरान गरज व चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है.जिसके चलते लोगों को गर्मी व हीट वेव से राहत मिल सकती है. करीब 12 से 15 किमी की रफ्तार से पुरवा हवा भी चलेगी.दिन भर पुरवा हवा चलने से लोगों को लगातार दूसरे दिन भी झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिली है. मौसम में बदलाव से बढ़ेगा वायरल बीमारी का खतरा एक सप्ताह तक झुलसाने वाली गर्मी और फिर दो दिनों से पुरवा हवा के कारण तेजी से तापमान का गिरना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो सर्द-गर्म के चलते वायरल फीवर और सर्दी-खांसी का प्रकोप बढ़ेगा.बदलते मौसम में थोड़ी सी लापरवाही सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. अस्पताल में सर्दी-खांसी, बुखार, अपच, कै-दस्त, पेट दर्द, सर बदन दर्द के इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है.हालांकि तापमान में गिरावट के बाद से लू, हीट वेव के मरीजों में काफी कमी हुई है सर्दी-खांसी, बुखार समेत अन्य बीमारियों के ज्यादातर पुराने मरीज आ रहे है. तापमान गिरने से साग-सब्जी को लाभ तापमान में गिरावट का असर साग-सब्जी के फसलों पर पड़ा है. झुसला देने पछुआ हवा से सब्जियों के उत्पादन पर असर पड़ा था. वही पुरवा हवा चलने से तापमान कम हुआ. तापमान कमने से साग-सब्जियों के फसल के उत्पादन में वृद्धि होगी. स्थानीय किसान जवाहिर सिंगज का कहना है कि पूरवा हवा से मौसम में नमी के कारण भिंडी समेत अन्य सब्जियों का पैदावार सही होता है. तापमान गिरने से सिंचाई कम करनी होगी जिससे सिंचाई पर खर्च भी कम होगा.साथ ही उत्पादन संतोषजनक होगा.

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By Deepak mishra

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