रामकथा से गुंजायमान हुआ शहर

चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को जिले भर में मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा-अर्चना श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ की गई. शहर से लेकर गांव तक मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह में मंगला आरती के साथ ही मंदिरों के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. पट खुलते ही पूरा वातावरण जय माता दी और भगवती दुर्गा की जय के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा.

प्रतिनिधि,सीवान. चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को जिले भर में मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा-अर्चना श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ की गई. शहर से लेकर गांव तक मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह में मंगला आरती के साथ ही मंदिरों के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. पट खुलते ही पूरा वातावरण जय माता दी और भगवती दुर्गा की जय के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा. श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर मां के चरणों में शीश नवाया और सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की.शहर के कचहरी दुर्गा मंदिर, फतेहपुर मंदिर, संतोषी माता मंदिर, बुढ़िया माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों में विशेष पूजा का आयोजन किया गया. महिलाओं ने विशेष रूप से नारियल, चुनरी, लाल चूड़ी, सिंदूर और आलता अर्पित कर मां की आराधना की. सुबह से देर शाम तक मंदिरों में पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और आरती का दौर चलता रहा.नवरात्र के अवसर पर शहर में भक्ति के विविध रंग देखने को मिल रहे हैं. कई श्रद्धालु फलाहार कर व्रत रख रहे हैं, तो कुछ सात्विक भोजन के साथ मां की उपासना में लीन हैं.अधिकांश घरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जा रहा है. शाम के समय श्रद्धालु थालियों में दीप सजाकर मंदिरों में पहुंचे और विधि-विधान से आरती में भाग लिया.मंदिरों के बाहर भी दीया और अगरबत्ती जलाने की विशेष व्यवस्था की गई थी.जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा.इधर शहर के गांधी मैदान में आयोजित श्रीराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली. सुबह से ही भक्त भगवान श्रीराम की प्रतिमा की परिक्रमा करते नजर आए.आचार्य वीरेंद्र पांडे एवं उनके सहयोगियों द्वारा नवाह्न पाठ का शुभारंभ किया गया. पंडित रामेश्वर उपाध्याय ने अपने प्रवचन में भगवान श्रीराम के जीवन, संघर्ष और आदर्शों का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे.कार्यक्रम में शिरोमणि दुबे द्वारा प्रस्तुत भक्ति संगीत ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया. वहीं, पंडित प्रहलाद मिश्रा की कथा ने श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया. पंडित आलोक मिश्रा ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका चरित्र मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है.उन्होंने कहा कि श्रीराम के जीवन से हमें संघर्ष, धैर्य और मर्यादा का संदेश मिलता है, जिसे अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन को सफल बना सकता है.कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक आरती की गई और प्रसाद का वितरण किया गया.इस अवसर पर अध्यक्ष एवं वरीय अधिवक्ता सुनील दत्त शुक्ला, शिवनाथ सिंह, परमिल कुमार, राजेंद्र कुमार, मुकेश कुमार, ई. सतीश कुमार सिंह, लिसा लाल, विवेक लाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.

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By DEEPAK MISHRA

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