प्रतिनिधि, सीवान. डीएवी पीजी कॉलेज सीवान में प्राचार्य व शिक्षकों के बीच मतभेद गहराता जा रहा है. शुक्रवार को शिक्षकों ने काला पट्टी बांधकर प्रदर्शन करते हुए शैक्षणिक कार्य किया. प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने हाथ मेें पट्टी ले रखा था, जिसपर शिक्षक उत्पीड़न बंद करो, स्पेशल लीव हमारा अधिकार है, महिला शिक्षकों का सम्मान करो, अवैध वेतन कटौती रद्द करो, एसी चोर कॉलेज छोड, तानाशाही नहीं चलेगी व कॉलेज में भ्रष्टाचार जैसे स्लोगन लिखा था. इधर सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद आफाक आलम भी जेपीयू के कुलपति को शिक्षकों की समस्या का समाधान और प्राचार्य की मनमानी पर तुरंत रोक लगाने को लेकर पत्र लिख चुके है. क्या है मामला डीएवी पीजी कॉलेज के शिक्षकों का आरोप है कि प्राचार्य डॉ रामानंद राम मनमाने तरीके से कार्य करते है और शिक्षकों के साथ अमर्यादित आचरण भी करते है. मामले में कॉलेज के शिक्षकों ने कुलपति और कुलाधिपति सह राज्यपाल को आवेदन देकर तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध भी किया है. शिक्षक डॉ रामानुज कौशिक, डॉ निर्भय कुमार राम, डॉ केपी गोस्वामी, डॉ विशा शर्मा, डॉ प्रकृति राय एवं कर्मचारी विनोद राम, जगन्नाथ प्रसाद और मनोज कुमार का आरोप है कि ड्यूटी पर रहते हुए वेतन की कटौती की गई है. महिला शिक्षकों के दो दिनों के विशेष अवकाश को प्रतिबंधित कर दिया गया है. आइसीएसआर द्वारा प्रदत डॉ प्रभाकर निषाद के प्रोजेक्ट कार्य को रोक दिया है. डॉ टीए नूर के सेवानिवृत्ति के डेढ़ माह बाद भी सेवानिवृत्ति लाभ से संबंधित कागजात को प्राचार्य द्वारा विश्वविद्यालय को अग्रसारित नहीं किया गया है. डॉ मुरलीधर मणि त्रिपाठी, डॉ दीपिका श्रीवास्तव तथा डॉ प्रभाकर निषाद के साथ प्राचार्य द्वारा अमर्यादित व्यवहार किया गया है. शिक्षकों का आरोप है कि विरोध करने पर एससी- एसटी केस में फंसाने की लगातार धमकी प्राचार्य द्वारा दी जा रही है. स्टाफ काउंसिल के सचिव डॉ अरविंद कुमार ने बताया कि प्राचार्य से कई बार बैठक बुलाने का अनुरोध किया गया, लेकिन वे अनसुनी कर दे रहे हैं. आज देंगे धरना- महाविद्यालय शिक्षक संघ के पदाधिकारी डॉ धनंजय यादव ने बताया कि प्राचार्य की मनमानी और तानाशाही रवैया के खिलाफ डीएवी पीजी कॉलेज के शिक्षकों ने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन का आगाज किया. शुक्रवार को सभी शिक्षकों ने अपने हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराते हुए कक्षा संचालन का कार्य 10.30 बजे से शुरू किया. उन्होंने बताया कि प्राचार्य द्वारा शिक्षकों से अगर संवाद कर शिक्षक हित में कदम नहीं उठाया जाता है तो 14 मार्च को कॉलेज कैंपस में धरना का कार्यक्रम होगा. बोले प्राचार्य सभी को विश्व विद्यालय के नियमानुकूल काम करना है.कई शिक्षक मनमानी कर रहे हैं. जिनके खिलाफ कदम उठाने पर ऐसे निराधार आरोप लगाया जा रहा है. प्रो रामानंद राम , प्राचार्य ————————— क्या कहा कुलपति ने- जेपीयू के कुलपति प्रो डॉ परमेंद्र कुमार वाजपेयी ने बताया कि शिक्षकों से मनमानी के संबंध में पत्र मिलने के बाद प्राचार्य से शोकॉज किया गया है. सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर जांच कमेटी का गठन किया जायेगा. साथ ही कुलपति ने बताया कि पूर्व में दो महिला शिक्षिकाओं से शाेषण मामले की जांच कमेटी कर रही है. शिक्षकों के आंदोलन का आइसा ने किया समर्थन सीवान. छात्र संगठन आइसा ने डीएवी पीजी कॉलेज सीवान में शिक्षकों के चल रहे आंदोलन का समर्थन किया है. छात्र आइसा राष्ट्रीय कमेटी सदस्य विकास यादव ने कहा कि कॉलेज में प्राचार्य की मनमानी के खिलाफ चल रहे आंदोलन का मजबूती से समर्थन छात्र संगठन आइसा करता है और प्राचार्य की मनमानी के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा. आरोप लगाया कि कॉलेज में यह स्थिति बनी है कि छात्रों से परिचय पत्र के लिए पैसा वसूली, कॉलेज के छोटे छोटे सामान की चोरी जैसे शिकायत मिलना, साइबर कैफे से मिली भगत से छात्र से अवैध कमीशन लेना, महिला प्रोफेसर से अभद्र व्यवहार करना, शिक्षकों को सीएल नहीं देना, छात्रों से जबरदस्ती पैर छूने के लिए बोलना, शौचालय में पानी नहीं उसकी सफाई की व्यवस्था उपलब्ध नहीं करना, लाइब्रेरी में किसी तरह का व्यवस्था उपलब्ध नहीं करना, बैद्यनाथ प्रेक्षा गृह जो छात्रों को सेमिनार करने या किसी भी तरह के कॉलेज के कार्यक्रम करने के लिए व्यवस्था उपलब्ध नहीं करना और कुछ कहने पर एससी एसटी केस में फसाने की धमकी देने जैसे नीति कॉलेज प्राचार्य ने बनाए रखा है. कहा कि इस नीति के खिलाफ छात्र संगठन आइसा कॉलेज से शिक्षक आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ा है, और मनमानी ठीक नहीं हुई तो आगे और बड़ा आंदोलन होगा.
डीएवी कॉलेज के प्राचार्य के खिलाफ शिक्षकों का प्रदर्शन
डीएवी पीजी कॉलेज सीवान में प्राचार्य व शिक्षकों के बीच मतभेद गहराता जा रहा है. शुक्रवार को शिक्षकों ने काला पट्टी बांधकर प्रदर्शन करते हुए शैक्षणिक कार्य किया.
