सीवान : सदर अस्पताल में मंगलवार को विभिन्न थानों से स्वास्थ्य जांच के लिए लाए गए करीब एक दर्जन कैदियों को अस्पताल की अव्यवस्था के कारण घंटों परेशान होना पड़ा. समय पर पर्चा नहीं बनने से स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया प्रभावित रही और कैदियों को इधर-उधर भटकना पड़ा.
ओपीडी और इमरजेंसी के बीच फंसी जांच प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड के चिकित्सक कैदियों को ओपीडी भेज रहे थे, जबकि ओपीडी के चिकित्सक उन्हें वापस इमरजेंसी वार्ड जाने की सलाह दे रहे थे. दोनों विभागों के बीच समन्वय के अभाव में स्वास्थ्य जांच शुरू नहीं हो सकी. इससे कैदियों के साथ आए पुलिस सुरक्षा कर्मियों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी.
तीन घंटे बाद सिविल सर्जन कार्यालय पहुंची शिकायत
करीब तीन घंटे तक जांच नहीं होने पर कैदियों के साथ आए सुरक्षा गार्ड सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे और मामले की शिकायत की. शिकायत मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और संबंधित कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए. इसके बाद कैदियों का पर्चा बनाया गया तथा स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया शुरू कराई गई.
अस्पताल में कुछ देर के लिए बना अफरातफरी का माहौल
घटना के दौरान अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अफरातफरी की स्थिति बनी रही. पुलिस कर्मियों ने बताया कि न्यायालय में पेशी से पहले कैदियों की स्वास्थ्य जांच समय पर होना अनिवार्य होता है. अस्पताल में इस तरह की अव्यवस्था से न केवल पेशी में विलंब की आशंका रहती है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था संभालने में भी अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
व्यवस्था में सुधार का दिया गया आश्वासन
मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बनने देने का आश्वासन दिया है. अधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि कैदियों के साथ-साथ अन्य मरीजों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.
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