Siwan News : जिले में छात्र आंदोलन के दौरान हुए हिंसक विरोध-प्रदर्शन, तोड़फोड़ और लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने तत्काल प्रभाव से जिले में पूर्व में जारी सभी प्रकार के धरना-प्रदर्शन की स्वीकृतियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं.
हिंसक प्रदर्शन के बाद लिया गया फैसला
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से छात्रों के उग्र प्रदर्शन, हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की सूचनाएं प्राप्त हुई थीं. 25 जुलाई को विभिन्न संगठनों द्वारा आयोजित बिहार बंद को देखते हुए जिले में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. इसके लिए बड़ी संख्या में दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी.
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति, लेकिन बिगड़ी स्थिति
आदेश में उल्लेख किया गया है कि छात्रों ने 25 जुलाई को शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन की अनुमति प्राप्त की थी, लेकिन प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया. इसके कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा.
बीएनएसएस की धारा-163 के तहत कार्रवाई
इसी को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163 के तहत सीवान जिले में अधीनस्थ दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों द्वारा पूर्व में जारी धरना-प्रदर्शन की सभी स्वीकृतियां तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निरस्त कर दी गई हैं.
शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने स्पष्ट किया है कि जिले में शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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