सीवान: मोबाइल चोरी या गुम होना आजकल आम बात हो गयी है. मोबाइल खोने से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ निजी और गोपनीय डाटा के गलत हाथों में जाने की चिंता भी रहती है. ऐसे में पुलिस द्वारा बरामद किया गया मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली.
सीवान पुलिस की ओर से चलाये जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुम और चोरी हुए मोबाइल बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे जा रहे हैं. इसी अभियान के तहत रविवार को समाहरणालय स्थित एसपी कार्यालय में 63 लोगों को उनके बरामद मोबाइल सौंपे गये.
मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों में काफी खुशी दिखी. अपने पुराने मोबाइल को हाथ में लेते ही कई लोगों ने एसपी पुरन कुमार झा को धन्यवाद दिया. लोगों के चेहरे पर मोबाइल वापस मिलने की खुशी साफ नजर आ रही थी.
बाजार और सफर के दौरान गुम हुए थे मोबाइल
मोबाइल प्राप्त करने पहुंचे लोगों से पुलिस की ओर से यह भी जानकारी ली गयी कि उनका मोबाइल किन परिस्थितियों में गुम या चोरी हुआ था. कुछ लोगों ने बताया कि बाजार में खरीदारी करने अथवा यात्रा के दौरान उनका मोबाइल कहीं गिर गया था.
मोबाइल वापस पाने वालों में डबल सिंह, सीतापति देवी, रमेश दास, रामेश्वर माझी, अनुराग कुमार साह, विपिन कुमार पासवान, जयप्रकाश, विशाल कुमार ठाकुर, मोहम्मद शहाबु, रतन देव यादव और बाबू अली सहित अन्य लोग शामिल रहे.
अप्रैल में 63 मोबाइल बरामद
एसपी पुरन कुमार झा ने बताया कि राज्य में ऑपरेशन मुस्कान अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत गुम और चोरी हुए मोबाइल को तकनीकी माध्यम से बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा जा रहा है.
उन्होंने बताया कि अप्रैल महीने में 63 मोबाइल बरामद किये गये हैं, जिन्हें उनके मोबाइल स्वामियों को सौंप दिया गया. उन्होंने कहा कि मोबाइल बरामद करने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा.
एसपी कार्यालय नहीं पहुंचे तो घर पहुंचेगा मोबाइल
ऑपरेशन मुस्कान के तहत बरामद किये गये मोबाइल के सनहा के आधार पर संबंधित मोबाइल मालिकों को सूचना दी गयी थी. उन्हें रविवार दोपहर 1:30 बजे एसपी कार्यालय पहुंचकर अपना मोबाइल प्राप्त करने के लिए कहा गया था.
हालांकि, सूचना मिलने के बावजूद कुछ मोबाइल मालिक एसपी कार्यालय नहीं पहुंच सके. इसे देखते हुए एसपी पुरन कुमार झा ने संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जो लोग कार्यालय नहीं पहुंच पाए हैं, उनके घर तक मोबाइल पहुंचाया जाए.
एसपी ने यह भी निर्देश दिया कि मोबाइल सौंपने से पहले संबंधित व्यक्ति से मोबाइल की पहचान करायी जाए, ताकि बरामद मोबाइल सही व्यक्ति को ही सौंपा जा सके.
