जिले में रसोई गैस की कमी से मचा हाहाकार

जिले में इन दिनों रसोई गैस की भारी किल्लत से आम लोगों के बीच हाहाकार मच गया है. एक तिहाई से अधिक घरेलू गैस सिलिंडर की आपूर्ति कम होने के कारण शहर से लेकर गांव तक उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी कतार लग रही है और कई उपभोक्ता घंटों इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौट जा रहे हैं. अचानक आपूर्ति घटने और मांग बढ़ने से पूरे जिले में गैस संकट गहराता जा रहा है.

प्रतिनिधि, सीवान. जिले में इन दिनों रसोई गैस की भारी किल्लत से आम लोगों के बीच हाहाकार मच गया है. एक तिहाई से अधिक घरेलू गैस सिलिंडर की आपूर्ति कम होने के कारण शहर से लेकर गांव तक उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी कतार लग रही है और कई उपभोक्ता घंटों इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौट जा रहे हैं. अचानक आपूर्ति घटने और मांग बढ़ने से पूरे जिले में गैस संकट गहराता जा रहा है. जिले में करीब पांच लाख घरेलू गैस उपभोक्ता हैं, जबकि उनकी आपूर्ति के लिए लगभग 45 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं. इन्हीं एजेंसियों के माध्यम से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलिंडर की सप्लाई होती है. लेकिन पिछले कुछ दिनों से गैस की आपूर्ति में अचानक आयी कमी ने व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई है, जहां लोगों को समय पर गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है. गांवों में उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी का बार-बार चक्कर लगाना पड़ रहा है. पहले सिलिंडर डिलीवरी के कुछ ही दिनों बाद दोबारा बुकिंग हो जाती थी, लेकिन अब नए नियम लागू होने के बाद एक सिलेंडर लेने के 25 दिन बाद ही दूसरे सिलेंडर की बुकिंग हो पा रही है. इससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है. कई परिवारों के सामने भोजन बनाने तक की समस्या खड़ी हो गई है. जिन एजेंसियों पर गैस की आपूर्ति हो रही है, वहां सिलिंडर लेने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है. कम आपूर्ति के कारण कई बार लोगों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन जा रही है. कई उपभोक्ता सुबह से लाइन में लगने के बावजूद गैस सिलेंडर नहीं मिलने से निराश होकर लौट रहे हैं. गैस की कमी से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही- गैस की कमी का असर सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं पर ही नहीं, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानदारों पर भी पड़ने लगा है. कारोबारियों का कहना है कि 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई भी पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है. अगर यही स्थिति बनी रही तो कई छोटे होटल और मिठाई दुकानों को अस्थायी रूप से बंद करने की नौबत आ सकती है. इस मामले को लेकर जब प्रभात खबर की टीम ने गैस कंपनियों के एरिया मैनेजर से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने इस विषय में कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया. उनका कहना था कि इस संबंध में कोई भी आधिकारिक जानकारी पटना स्थित कार्यालय से ही मिल सकेगी. इधर जिले में गैस की कमी से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. अगर जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में यह संकट और गंभीर रूप ले सकता है. बोले गैस एजेंसी संचालक ऋचा गैस एजेंसी के एमडी विकास कुमार सिंह जीशु ने बताया कि गैस सिलिंडर की बुकिंग को लेकर अब नई नियमावली लागू की गई है. इसके तहत एक सिलिंडर उठाव के 25 दिन बाद ही दूसरे सिलिंडर के लिए बुकिंग संभव है. इससे पहले चाहकर भी उपभोक्ता बुकिंग नहीं कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को डीएसी नंबर जारी किया जाता है और उसी के आधार पर गैस सिलिंडर की सप्लाई की जाती है. उन्होंने कहा कि अब गैस डिलीवरी के दौरान उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाता है. जब उपभोक्ता वेंडर को ओटीपी दिखाते हैं, तभी उन्हें गैस सिलिंडर दिया जाता है. बोले जिला आपूर्ति पदाधिकारी गैस की आपूर्ति कम होने की सूचना उन्हें भी मिली है. इसको लेकर जल्द ही जिले के सभी गैस एजेंसी संचालकों और संबंधित एरिया मैनेजर के साथ बैठक की जाएगी. बैठक में स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे. गैस एजेंसी संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें निर्देश दिया गया है कि सरकार द्वारा तय किए गए रेट से अधिक राशि उपभोक्ताओं से नहीं ली जाए. सीमा कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी

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By DEEPAK MISHRA

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