दर्पण प्लस एप रखेगा चिकित्सा कर्मियों पर नजर

दर्पण प्लस एप रखेगा चिकित्सा कर्मियों पर नजर – ससमय स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी उपलब्ध – कार्यपालक निदेशक ने पत्र लिखकर दिया निर्देश – चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति का एप करेगा अनुश्रवणसीवान. कोरोना वायरस का प्रकोप देश के साथ बिहार में भी बढ़ने लगा है. इसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देश में विभिन्न प्रकार के सुरक्षात्मक […]

दर्पण प्लस एप रखेगा चिकित्सा कर्मियों पर नजर – ससमय स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी उपलब्ध – कार्यपालक निदेशक ने पत्र लिखकर दिया निर्देश – चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति का एप करेगा अनुश्रवणसीवान. कोरोना वायरस का प्रकोप देश के साथ बिहार में भी बढ़ने लगा है. इसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देश में विभिन्न प्रकार के सुरक्षात्मक उपाय जिलों में किये जा रहे हैं. कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी जिलों में चिकित्सकीय दल का गठन किया गया है. साथ ही कार्य स्थल पर चिकित्सकों, नर्सेज व एएनएम की निरंतर उपस्थिति को लेकर भी जिलों को दिशा-निर्देश दिये गये हैं. इसी कड़ी में दर्पण प्लस एप भी अब चिकित्सा कर्मियों की कार्य स्थल पर उपस्थिति की मॉनिटरिंग करेगा. इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने सभी जिलों के सिविल सर्जन को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश दिया है.

केयर इंडिया के द्वारा एप को किया गया कस्टमाइज्ड: पत्र के माध्यम से बताया गया कि कोरोना को मात देने के लिए सभी जिलों में रोस्टर के अनुसार चिकित्सा कर्मियों की तैनाती की गयी है. साथ ही उनकी शत-प्रतिशत उपस्थिति के भी निर्देश दिये गये हैं, जिसकी मॉनिटरिंग अब प्रत्येक दिन राज्य से भी की जायेगी. इसे ध्यान में रखते हुए दर्पण एप प्लस को केयर इंडिया/स्टेट रिसोर्स यूनिट के के सहयोग से कस्टमाइज्ड किया गया है. कोविड 19 से संबंधित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा कर्मियों के अपडेटेड रोस्टर जिलों के द्वारा इमेल के मध्यम से राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजे गये हैं. साथ ही इन रोस्टरों को संजीवनी प्रणाली में अपडेट कर दिया गया है. जिला अनुश्रवण व मूल्यांकन पदाधिकारी को रोस्टर अपडेट करने की होगी जिम्मेदारी दर्पण प्लस एप में संजीवनी प्रणाली के तहत संधारित चिकित्सकों का रोस्टर उपयोग किया जा रहा है.

इसके लिए संजीवनी प्रणाली में कोविड-19 के तहत चिकित्सकों के बनाये गये रोस्टर को हमेशा अपडेट करने की जरूरत है. इसे ध्यान में रखते हुए जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी को रोस्टर अपडेट करने की जिम्मेदारी दी गयी है. अस्पतालों के चिकित्सा कर्मियों को एप इंस्टाल करने के निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों के जिला अनुश्रवण व मूल्यांकन पदाधिकारी को जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रेफरल अस्पताल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिह्नित चिकित्सा कर्मियों के मोबाइल में दर्पण प्लस एप को इंस्टाल करने के निर्देश दिये गये हैं, जिसमें जिला अस्पताल व अनुमंडलीय अस्पताल के सुप्रिटेनडेंट एवं हॉस्पिटल मैनेजर एवं सीएचसी/रेफरल अस्पताल/ पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं हेल्थ मैनेजर को अपने मोबाइल में दर्पण प्लस एप इंस्टाल करेंगे. साथ ही इस एप के माध्यम से ही चिकित्सकों, नर्सेज एवं एएनएम की प्रतिदिन की उपस्थिति दर्ज की जायेगी. उपस्थित चिकित्साकर्मी सेल्फी फोटो करेंगे अपलोड:दर्पण प्लस एप को खोलने के बाद चिकित्सकों की सूची दिखेगी. सूची के अनुसार चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति एप में दर्ज करनी होगी. अनुपस्थित चिकित्सा कर्मियों की संख्या अंकित करने के बाद कॉमा देकर अनुपस्थित नर्सेज व एएनएम का नाम कॉमा के साथ अंकित की जानी है. इसके बाद उपस्थित चिकित्सकों, नर्सेज एवं एएनएम के साथ सेल्फी फोटो लेकर सेव करना है एवं इसके उपरांत लिस्ट ऑप्शन में जाकर अंकित डेटा को भेजना है. इसके लिए इंटरनेट की सुविधा होना जरूरी है.

केयर इंडिया के द्वारा एप को किया गया कस्टमाइज्ड: पत्र के माध्यम से बताया गया कि कोरोना को मात देने के लिए सभी जिलों में रोस्टर के अनुसार चिकित्सा कर्मियों की तैनाती की गयी है. साथ ही उनकी शत-प्रतिशत उपस्थिति के भी निर्देश दिये गये हैं, जिसकी मॉनिटरिंग अब प्रत्येक दिन राज्य से भी की जायेगी. इसे ध्यान में रखते हुए दर्पण एप प्लस को केयर इंडिया/स्टेट रिसोर्स यूनिट के के सहयोग से कस्टमाइज्ड किया गया है. कोविड 19 से संबंधित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा कर्मियों के अपडेटेड रोस्टर जिलों के द्वारा इमेल के मध्यम से राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजे गये हैं. साथ ही इन रोस्टरों को संजीवनी प्रणाली में अपडेट कर दिया गया है.

जिला अनुश्रवण व मूल्यांकन पदाधिकारी को रोस्टर अपडेट करने की होगी जिम्मेदारी दर्पण प्लस एप में संजीवनी प्रणाली के तहत संधारित चिकित्सकों का रोस्टर उपयोग किया जा रहा है. इसके लिए संजीवनी प्रणाली में कोविड-19 के तहत चिकित्सकों के बनाये गये रोस्टर को हमेशा अपडेट करने की जरूरत है. इसे ध्यान में रखते हुए जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी को रोस्टर अपडेट करने की जिम्मेदारी दी गयी है. अस्पतालों के चिकित्सा कर्मियों को एप इंस्टाल करने के निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों के जिला अनुश्रवण व मूल्यांकन पदाधिकारी को जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रेफरल अस्पताल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिह्नित चिकित्सा कर्मियों के मोबाइल में दर्पण प्लस एप को इंस्टाल करने के निर्देश दिये गये हैं, जिसमें जिला अस्पताल व अनुमंडलीय अस्पताल के सुप्रिटेनडेंट एवं हॉस्पिटल मैनेजर एवं सीएचसी/रेफरल अस्पताल/ पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं हेल्थ मैनेजर को अपने मोबाइल में दर्पण प्लस एप इंस्टाल करेंगे.

साथ ही इस एप के माध्यम से ही चिकित्सकों, नर्सेज एवं एएनएम की प्रतिदिन की उपस्थिति दर्ज की जायेगी. उपस्थित चिकित्साकर्मी सेल्फी फोटो करेंगे अपलोड:दर्पण प्लस एप को खोलने के बाद चिकित्सकों की सूची दिखेगी. सूची के अनुसार चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति एप में दर्ज करनी होगी. अनुपस्थित चिकित्सा कर्मियों की संख्या अंकित करने के बाद कॉमा देकर अनुपस्थित नर्सेज व एएनएम का नाम कॉमा के साथ अंकित की जानी है. इसके बाद उपस्थित चिकित्सकों, नर्सेज एवं एएनएम के साथ सेल्फी फोटो लेकर सेव करना है एवं इसके उपरांत लिस्ट ऑप्शन में जाकर अंकित डेटा को भेजना है. इसके लिए इंटरनेट की सुविधा होना जरूरी है.

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Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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