प्रतिनिधि,सीवान.ग्राम पंचायतों के समग्र विकास के साथ ही संचालित विभिन्न लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों के जांच को लेकर अभियान चलाया जा रहा है.इसी क्रम में शक्रवार को डीएम विवेक रंजन मैत्रेय के निर्देश पर अफसरों की टीम गांवों तक पहुंची.इसको लेकर जिले के 49 पंचायतों को चिह्नित किया गया था.हालांकि अन्य कार्यों में व्यस्तता का हवाला देते हुए जांच के लिये कई अफसर पंचायतों तक नहीं पहुंचे. इस दौरान प्रखंड से लेकर जिलास्तरीय अधिकारियों ने एक-एक योजनाओं की जांच कर पूरी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है.जिसके बाद जांच से गांव में हड़कंप मचा हुआ है. टीम के द्वारा धान अधिप्राप्ति,शिक्षा, स्वास्थ्य केद्र, जनवितरण प्रणाली, गली, नाली,ग्रामीण जलापूर्ति, ग्रामीण सड़क की स्थिति, पंचायत सरकार भवन, स्ट्रीट लाईट आदि योजनाओं की गहन जांच की. गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई.यह जांच मुख्य सचिव के आदेश के आलोक में की गयी. सिसई और हेतिमपुर पंचायत में की गयी जांच गोरेयाकोठी.प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अभय कुमार मिश्रा ने शुक्रवार को सिसई पंचायत के उच्च माध्यमिक विद्यालय सिसई समेत प्राथमिक विद्यालय, मध्य विद्यालयो, पंचायत भवन ,स्वास्थ्य भवन, स्वास्थ्य कार्य, मनरेगा भवन, मनरेगा कार्य ,आरटीपीएस काउंटर पर जन्म मृत्यु ,निवास जाति, आय प्रमाण पत्र, आरक्षण प्रमाण पत्र, पारिवारिक लाभ, कबीर अंत्येष्टि योजना, सड़क, पुल, पुलिया, नल जल, आवास योजना, वृक्षारोपण, आंगनबाड़ी केंद्र के कार्यकलापों का गहनता से जांच किया उन्होंने बताया कि सिसई पंचायत में सभी कार्य योजना संतोषप्रद पाया गया. जिसका त्वरित ऑन द स्पॉट निष्पादन करते हुए प्रतिवेदन रिपोर्ट जिला समाहरणालय देर शाम भेज दिया गया है. वहीं दूसरी तरफ हेतिमपुर पंचायत में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी रघुवीर प्रसाद ने मनरेगा से संबंधित कराए गए विभिन्न विकास कार्य योजनाओं जैसे बनाए गए 1582 जॉब कार्ड, वृक्षारोपण, पोखरा घाट का सौंदर्यीकरण, जल जीवन हरियाली अंतर्गत पोखरा की खुदाई ,साफ सफाई आदि कार्य योजनाओं का गहनता से जांच करवायी किया गया.
अधिकारियों ने लिया पंचायतों के विकास का जायजा
ग्राम पंचायतों के समग्र विकास के साथ ही संचालित विभिन्न लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों के जांच को लेकर अभियान चलाया जा रहा है.इसी क्रम में शक्रवार को डीएम विवेक रंजन मैत्रेय के निर्देश पर अफसरों की टीम गांवों तक पहुंची.इसको लेकर जिले के 49 पंचायतों को चिह्नित किया गया था.हालांकि अन्य कार्यों में व्यस्तता का हवाला देते हुए जांच के लिये कई अफसर पंचायतों तक नहीं पहुंचे.
