मनीष गिरि की रिपोर्ट सीवान. डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 12 मई से 30 जून तक मिशन मोड में अधिक से अधिक किसानों का फार्मर आइडी बनाया जायेगा़ सभी पदाधिकारी मिशन मोड में अपने-अपने क्षेत्र में अभियान को प्रभावी ढंग से काम करेंगे और रिजल्ट देंगे़ ताकि जिले का कोई भी पात्र किसान योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाये. बताया कि राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक इस अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है. किसी भी तकनीकी अथवा प्रक्रियागत समस्या के समाधान के लिए त्वरित व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है. एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत किसानों का फार्मर आईडी तैयार किया जा रहा है, जिसके आधार पर कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाया जाएगा. जानकारी दी कि अब तक कृषि विभाग एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त प्रयास से जिले के 1,16,711 किसानों का फार्मर आइडी तैयार किया जा चुका है. फार्मर आईडी निर्माण की प्रक्रिया में सर्वप्रथम कृषि विभाग के कृषि सलाहकार, कृषि समन्वयक, सहायक तकनीकी प्रबंधक एवं प्रखंड तकनीकी प्रबंधक के माध्यम से किसानों का ई-केवाईसी किया जाता है. इसके पश्चात राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकृत कर्मियों द्वारा किसानों के नाम से जमाबंदी प्रविष्टि की जाती है, जिसके बाद किसानों को फार्मर आईडी उपलब्ध हो जाती है. डीएम ने बताया कि सरकार ने सॉफ्टवेयर में बदलाव करते हुए किसानों को स्वयं फार्मर रजिस्ट्री करने की सुविधा भी प्रदान की है. किसान कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी अपना फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं. उन्होंने कहा कि जो किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित हैं तथा जिनके नाम से जमाबंदी उपलब्ध है, वे शिविर में पहुंचकर आसानी से अपना फार्मर आईडी प्राप्त कर सकते हैं. वहीं जिन किसानों के नाम से जमाबंदी उपलब्ध नहीं है, वे आवश्यक परिमार्जन कराकर फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूर्ण करा सकते हैं.
सीवान में 1.16 लाख किसानों का बना फार्मर आइडी
12 मई से 30 जून तक मिशन मोड में बनेगा फार्मर आइडी
