Siwan News: सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) आशुतोष गुप्ता की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में 'बिहार माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण तथा कल्याण अधिकरण' की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में बुजुर्ग माता-पिता द्वारा अपने ही बच्चों पर उपेक्षा, मारपीट और भरण-पोषण न देने से संबंधित कई संवेदनशील मामलों की सुनवाई की गई. अधिकरण ने तथ्यों की गहराई से जांच के लिए तीन गंभीर मामलों में दो सदस्यीय विशेष टीम गठित कर स्थलीय जांच कराने का निर्णय लिया है.
नोटिस के बाद भी नहीं पहुंचे बेटे, फोन पर लगाई फटकार
बड़हरिया प्रखंड के बालापुर गांव निवासी बुजुर्ग कन्हैया राम ने अपने पुत्रों मुकेश राम और दिनेश राम पर आए दिन गाली-गलौज व मारपीट करने का आरोप लगाते हुए सुरक्षा और भरण-पोषण की गुहार लगाई. बार-बार नोटिस तामील होने के बावजूद दोनों पुत्रों के उपस्थित न होने पर अधिकरण सदस्य मनोज मिश्र ने दूरभाष पर ही उन्हें कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि यदि वे अगली बैठक में उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
तीन मामलों में स्थलीय जांच के लिए टीम गठित
पारिवारिक विवादों की जमीनी हकीकत जानने के लिए अधिकरण सदस्य मनोज मिश्र और अनुराधा गुप्ता की दो सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है:
- हुसैनगंज (सरेया): बुजुर्ग मदन साह ने पुत्र रामरतन साह और बहू गुड़िया देवी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया. एक बहू ने आरोपों को सही ठहराया जबकि दूसरी ने खंडन किया, जिस पर मौके पर जाकर जांच करने का आदेश हुआ.
- रफीपुर: सरस्वती देवी ने आरोप लगाया कि आदेश के बाद पुत्र रामशंकर यादव ₹5000 खाते में डालता है, लेकिन बैंक कर्मियों की मिलीभगत से खुद ही दोबारा निकाल लेता है. टीम बैंक रिकॉर्ड और लेन-देन की जांच करेगी.
- हसनपुरा (लहेजी): गोपाल जी कुशवाहा के पारिवारिक भरण-पोषण मामले में भी यही टीम गांव जाकर भौतिक सत्यापन करेगी.
बुजुर्गों के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
अधिकरण ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नागरिकों और वृद्ध माता-पिता के मान-सम्मान एवं भरण-पोषण की अनदेखी करने वाले संतानों के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे.
इस बैठक में एसडीएम आशुतोष गुप्ता, अधिकरण सदस्य मनोज मिश्र, अनुराधा गुप्ता, डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव, अरुण कुमार, रविंद्र कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता पिंटू सिवानी और सहायक शहीद जमाल सहित कई पीड़ित बुजुर्ग उपस्थित रहे. वहीं, समय पर उपस्थित न होने के कारण मैरवा की कृष्णावती देवी और महादेवा की शकुंतला देवी के मामलों की सुनवाई अगली तारीख तक टाल दी गई.
