Siwan News: सिसवन प्रखंड के मेहंदार स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले कमलदाह सरोवर की सफाई पूरी होने के बाद अब इसके श्रेय को लेकर दो पक्षों के बीच वाक् युद्ध तेज हो गया है. एक पक्ष सफाई अभियान की पहल का श्रेय खुद को दे रहा है, जबकि दूसरा पक्ष दावा कर रहा है कि उनके नेता के प्रयास और लगातार उठाई गई मांगों के बाद ही प्रशासन ने सरोवर की सफाई कराई.
सोशल मीडिया पर तेज हुई बयानबाजी
सरोवर की सफाई के बाद दोनों पक्षों के समर्थक सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के दावों का खंडन कर रहे हैं. अपने-अपने पक्ष में पोस्ट और बयान जारी किए जा रहे हैं, जिससे इलाके में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज हो गई है.
ग्रामीण बोले- सबसे बड़ी बात सफाई होना
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से उपेक्षित कमलदाह सरोवर की सफाई होना सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि है. सावन सहित अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में सरोवर की स्वच्छता जरूरी थी. ग्रामीणों का कहना है कि श्रेय की राजनीति से अधिक जरूरी जनहित और धार्मिक स्थल का संरक्षण है.
सौंदर्यीकरण और संरक्षण पर देने की मांग
बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दोनों पक्षों से अपील की है कि श्रेय लेने की बजाय सरोवर की नियमित सफाई, सौंदर्यीकरण और संरक्षण पर ध्यान दें. उनका कहना है कि विकास कार्यों को राजनीति से ऊपर उठाकर जनहित में आगे बढ़ाया जाना चाहिए.
पर्यटन और धार्मिक महत्व बढ़ाने की उम्मीद
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सभी पक्ष मिलकर कमलदाह सरोवर के संरक्षण और विकास के लिए काम करें तो यह स्थल क्षेत्र के धार्मिक और पर्यटन मानचित्र पर और अधिक पहचान बना सकता है. फिलहाल सफाई के बाद शुरू हुई श्रेय की जंग इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.
