सीवान से विवेक कुमार सिंह
सीवान. नगर परिषद में हाल ही में समाप्त हुई सफाईकर्मियों की हड़ताल के बाद अब नया विवाद सामने आ गया है. नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी नीलम श्वेता ने दैनिक सफाई कर्मी जाफर अली को सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में अधिकारियों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान देने के मामले में नोटिस जारी किया है. कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से जारी पत्र में 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण और साक्ष्य उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. नगर परिषद प्रशासन के अनुसार नगर परिषद में मानवबल उपलब्ध कराने वाली एजेंसी सर्जिकल सिक्योरिटी एंड कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड ने आवेदन देकर शिकायत की थी कि सफाई कर्मी जाफर अली द्वारा सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में उच्च अधिकारियों के खिलाफ अनर्गल और आपत्तिजनक बयानबाजी की गयी. इओ का कहना है कि इस तरह के बयान से नगर परिषद और प्रशासन की छवि धूमिल हुई है तथा सरकारी कार्यों की गरिमा प्रभावित हुई है. जारी नोटिस में कहा गया है कि यह आचरण संविदा की शर्तों, सेवा अनुशासन और शासकीय मर्यादा के प्रतिकूल है.इसलिए संबंधित कर्मी को 24 घंटे के अंदर तथ्यात्मक जवाब देने को कहा गया है.साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिला या स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो संविदा रद्द करने सहित विभागीय कार्रवाई की जायेगी.कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा, अनुशासनहीनता नहीं होगी बर्दाश्त
गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से नगर परिषद के सफाई कर्मी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर थे. सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई थी और शहर के कई इलाकों में कूड़े का अंबार लग गया था. कर्मचारियों ने वेतन, सुरक्षा उपकरण, स्थायीकरण और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन किया था. बाद में प्रशासन और कर्मचारी नेताओं के बीच वार्ता हुई, जिसके बाद हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की गयी. नगर परिषद प्रशासन ने दावा किया था कि कर्मचारियों की कई मांगों पर सहमति बन गयी है और शहर की सफाई व्यवस्था दोबारा सामान्य हो गयी है. हड़ताल खत्म होने के तुरंत बाद अब नोटिस जारी होने से नगर परिषद कर्मियों के बीच चर्चा तेज हो गयी है. कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि नगर परिषद प्रशासन सेवा नियमों और अनुबंध की शर्तों के तहत कार्य करता है. किसी भी कर्मचारी द्वारा सार्वजनिक मंच पर ऐसी टिप्पणी करना, जिससे संस्थान की साख प्रभावित हो, उचित नहीं माना जा सकता. मामले की निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित कर्मी से जवाब मांगा गया है ताकि पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके. उन्होंने कहा कि नगर परिषद सभी कर्मियों की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार है, लेकिन विरोध और अभिव्यक्ति का तरीका मर्यादित होना चाहिए. जांच रिपोर्ट और प्राप्त जवाब के आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनायी जायेगी.