शराब फैक्टरियों को ग्रामीणों ने किया ध्वस्त

सीवान/तरवारा : जीबी नगर थाना क्षेत्र के रौजा गौर, कथक गौर व बुजुर्ग गौर गांव के ग्रामीणों ने अवैध रूप से संचालित हो रही दर्जनों मिनी शराब की फैक्ट्रियों को बंद करने के लिए सड़क पर उतर गये, साथ ही हंगामा करते हुए दर्जनों शराब की मिनी फैक्टरी को ध्वस्त किया. इसी बीच पुलिस पहुंच […]

सीवान/तरवारा : जीबी नगर थाना क्षेत्र के रौजा गौर, कथक गौर व बुजुर्ग गौर गांव के ग्रामीणों ने अवैध रूप से संचालित हो रही दर्जनों मिनी शराब की फैक्ट्रियों को बंद करने के लिए सड़क पर उतर गये, साथ ही हंगामा करते हुए दर्जनों शराब की मिनी फैक्टरी को ध्वस्त किया.

इसी बीच पुलिस पहुंच गयी. पुलिस ने शराब व उपकरण को जब्त कर ली. आक्रोशित ग्रामीणों का आरोप था कि रविवार को जब गांव के एक बुजुर्ग के मरने के बाद शव को जलाने के लिए श्मशान घाट में गये तो वहां देखा की शराब बनाने के लिए महुआ और मीठा को जमीन में गाड़ा हुआ.
जिसको लेकर ग्रामीण भड़क गये और उसे नष्ट कर दिया. जिसका विरोध शराब कारोबारियों ने की. जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने शराब बंदी कानून के बाद भी अवैध
रूप से चल रहे मिनी शराब कारखाना को बंद करवाने को लेकर हंगामा करने लगे.
हंगामा की सूचना पर पहुंची पुलिस, स्थिति किया नियंत्रित : शराब की संचालित मिनी फैक्टरी बंद करवाने के लिए ग्रामीणों द्वारा किये जा रहे हंगामा की सूचना पर जीबी नगर थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. इसी बीच आक्रोशित ग्रामीणों के सहयोग से रौजा गौर, कथक गौर व बुजुर्ग गौर गांव स्थित नदी व खाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया.
इसके बाद चंवर व खेतों में अवैध रूप से अर्धनिर्मित महुआ मीठा के हजारों लीटर शराब को सैकड़ों स्थानों पर छापेमारी करते हुए नष्ट कर दिया. पुलिस ने उपकरण के साथ 10 लीटर देशी महुआ मीठा के शराब को बरामद कर जब्त कर ली.
शराब बंदी कानून के बाद भी बनता था शराब : रौजा गौर, कथक गौर व बुजुर्ग गौर गांव में शराब बंदी कानून के दो वर्ष चार माह बीत जाने के बाद भी शराब कारोबारी अवैध रूप से शराब बना रहे थे.
जहां से छोटे-छोटे शराब कारोबारी शराब लेकर जाते थे और बिक्री बड़े पैमाने पर करते थे. जिसको लेकर ग्रामीण विरोध करते आ रहे थे, लेकिन शराब कारोबारी पर कोई असर नहीं पड़ रहा था. पुलिस भी कई बार छापेमारी कर रही थी, लेकिन कारोबारी पुलिस के छापेमारी से पहले ही फरार हो जाते थे और पुलिस को कोई सफलता नहीं मिलती थी.
शराब कारोबारियों के विरोध जताने पर ग्रामीणों ने किया हंगामा
पुलिस ने ग्रामीणों के नेतृत्व में रौजा गौर गांव में चलाया अभियान
ग्रामीणों ने दर्जनों शराब की भट्ठियों को किया ध्वस्त
जीबी नगर थाना क्षेत्र के रौज गौर में चल रही थी शराब फैक्टरी
ग्रामीणों का संकल्प, हर रविवार को चलेगा अभियान
सीवान : अवैध शराब बिक्री के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है. उसके बाद भी उत्पाद विभाग एवं स्थानीय थाना की पुलिस द्वारा अभियान चलाकर अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है. शराब बंदी के बाद कानून को सख्त कर दिया गया. पुलिस प्रशासन लगातार शराब कारोबारियों पर कार्रवाई भी कर रही थी.
बावजूद इसके अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है. जिससे ग्रामीण अंचलों में नशे के गिरफ्त में युवा पीढ़ी फंसती चली जा रही है. इसको देखते हुए ग्रामीणों ने यह संकल्प लिया है कि जब तक क्षेत्र से शराब कारोबारियों का धंधा बंद नहीं हो जाता तब तक हम लोगों इसके खिलाफ अभियान चलाते रहेंगे.
इस पहल का पुलिस प्रशासन ने भी स्वागत किया. थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने तो यहां तक कह दिया कि जब तक इस क्षेत्र में धंधा बंद नहीं हो जाता है तब तक हर रविवार को ग्रामीणों के सहयोग से छापेमारी अभियान चलाया जायेगा. साथ ही उन्होंने ने लोगों से अपील की आपके क्षेत्र में शराब का धंधा हो रहा हो तो बेहिचक पुलिस को इसकी सूचना दे.
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष
थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि यह छापेमारी लगातार ग्रामीणों के सहयोग से प्रति रविवार को की जायेगी. जब तक शराब निर्माण कार्य व बिक्री बंद नहीं हो जाता. साथ ही शराब कारोबारियों की पहचान कर ली गयी है. जिनके विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कर शीघ्र गिरफ्तार किया जायेगा.
प्रमोद कुमार सिंह, थानाध्यक्ष
एक शराब तस्कर गिरफ्तार, भेजा गया जेल
छापेमारी के दौरान रौजा गौर गांव निवासी शराब कारोबारी उर्मिला देवी को पूर्व के दर्ज शराब कांड संख्या 325/18 में महिला पुलिस बल के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया गया. कांड के अनुसंधान करता अवर निरीक्षक दशरथ सिंह ने बताया कि गिरफ्तार शराब कांड के नामजद अभियुक्त टुनटुन प्रसाद की पत्नी उर्मिला देवी को महिला पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायाधीश ने जेल भेज दिया.
इन गांवों के लोग थे तंग व तबाह
अवैध शराब की मिनी फैक्टरी संचालित होने से रौजा गौर, कथक गौर व बुजुर्ग गौर गांव के ग्रामीण तंग व तबाह थे. यही नहीं नौजवान में शराब पीने की लत लग जाती है, और इस गांव के पढ़ने वाले बच्चों का चरित्र प्रमाणपत्र भी बनाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. वहीं विद्यालय के पास भी शराब बिक्री होने से पठन-पाठन भी प्रभावित होता है.

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