Ultra-processed food health risks: बिहार फोर्सज नेटवर्क एवं गांव विकास मंच के तत्वावधान में सीतामढ़ी जिले के बेलसंड प्रखंड अंतर्गत भोरहा मध्य विद्यालय के परिसर में शनिवार को एक महत्वपूर्ण सामुदायिक बैठक का आयोजन किया गया. पोषण माह के अंतर्गत चल रहे जागरूकता अभियान के तहत रूनीसैदपुर के बाद आयोजित यह दूसरी बैठक थी, जिसमें स्वास्थ्य और खानपान पर विशेष चर्चा की गई.
पोषण माह अभियान: डिब्बाबंद और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाने की अपील
संस्था के अध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में लोग अल्ट्रा प्रोसेस्ड खानपान के अत्यधिक सेवन के कारण कई प्रकार की जानलेवा बीमारियों की चपेट में तेजी से आ रहे हैं. बैठक में उपस्थित शमा परवीन ने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि सभी को डिब्बाबंद नमकीन, चिप्स, बिस्किट्स, मैगी, कुकीज और कुरकुरे जैसी चीजों से परहेज करने की आदत डालनी चाहिए तथा हमेशा घर के बने प्राकृतिक खान-पान का ही उपयोग करना चाहिए.
प्राकृतिक और स्थानीय फलों के सेवन पर जोर
इस अवसर पर संस्था के वरिष्ठ प्रशिक्षक रामश्रेष्ठ सिंह ने सुझाव दिया कि हर परिवार को अपने घर के आसपास कम से कम एक-दो पौधे पपीता एवं सहजन के अवश्य लगाने चाहिए और नियमित रूप से उनका सेवन करना चाहिए. संगीता कुमारी और रंजू कुमारी ने स्थानीय सस्ते एवं पौष्टिक फल जैसे केला, अमरूद, जामुन, शरीफा, बेल, बैर के साथ-साथ दूध, दही, छाछ और मट्ठा का सेवन करने का सुझाव दिया. वक्ताओं ने कहा कि प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को अपनाकर ही हम अपने स्वास्थ्य की बेहतर रक्षा कर सकते हैं.
प्रमुख महिलाओं और ग्रामीणों की रही मौजूदगी
इस सामुदायिक बैठक के दौरान वार्ड सदस्य संगीता देवी, अमृता कुमारी, आरती कुमारी, ममता कुमारी, विभा कुमारी, किरण देवी, निसरत खातून और सैरूल बेगम सहित कई गणमान्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे और अपने विचार साझा किए.
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