sitamarhi news : आपदा से बचाव को लेकर बच्चों का दिया गया प्रशिक्षण

आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रत्युत्तर, विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम एवं क्लाइमेट चेंज विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

सीतामढ़ी. आज नगरपालिका मध्य विद्यालय सीतामढ़ी के प्रांगण में बीआईएजी, यूएनआईसीईएफ, जीपीएसभीएस, एमआईएसईआरईओआर व जिला प्रशासन सीतामढ़ी के द्वारा आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रत्युत्तर, विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम एवं क्लाइमेट चेंज विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम की अगुवाई कर रहे बीआईएजी/यूनिसेफ के जिला सलाहकार गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि बिहार राज्य में सीतामढ़ी बहु-आपदा प्रवण जिलों की श्रेणी में आता है, जहां प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं की घटनाएं प्रायः होती रहती हैं. ऐसी आपदाओं के कारण सामाजिक, भौतिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. आपदा की घड़ी में प्रथम उत्तरदाता के रूप में स्थानीय समुदाय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है. इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आज समाज में मुख्य संदेशवाहक की महती भूमिका निभाने हेतु बच्चों को आपदा के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर जोखिमों की पहचान व जोखिम न्यूनीकरण के क्रियाकलापों से उपस्थित जन को अवगत कराया गया.

–राहत एवं पुनर्वास के कार्यों में सूचना प्रबंधन की भूमिका पर विस्तार से चर्चा

प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञ वक्ता के तौर पर जिला आपदा के मुख्य मास्टर ट्रेनर नित्यानंद सिंह ने आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा करते हुए आपदा की घड़ी में, राहत एवं पुनर्वास के कार्यों में सूचना प्रबंधन की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की. मौसम की बेरुखी से होने वाले आए दिन के परिवर्तनों जैसे, चक्रवाती तूफान/आंधी, वज्रपात, तेज़ बारिश, लू, आगजनी/आगलगी से जुझने का जज्बा विकसित करने में क्या करें कि ना करें जैसे गुरु सिखाएं. फोकल शिक्षिका अंजू रानी ने विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति का गठन, बाल संसद, मीना मंच, हज़ार्ड हंट की पहचान की उपयोगिता पर प्रकाश डाला. साथ ही वज्रपात, भूकंप आपदा में बचाव हेतु मॉकड्रिल की प्रस्तुति की. वही आगजनी से होने वाली आपदाओं से निजात दिलाने हेतु सीतामढ़ी फायर डिपार्टमेंट से संतोष कुमार सिंह, डिप्टी फायर ऑफिसर ने अपने सहयोगी साथी अग्निक रोहणी, माया, अनंत कुमार, सन्नी व प्रिंस कुमार व अपने सहयोगी दल के साथ अग्निशमन बचाव तकनीकों , उत्पन्न आपातकालीन स्थितियों से निपटने हेतु आवश्यक कदमों की व्यावहारिक जानकारी सैद्धांति व मॉक ड्रिल के माध्यम से दी. फायर कर्मियों द्वारा अग्नि सुरक्षा उपकरणों का उपयोग एवं आपदा के समय रेस्क्यू ऑपरेशन का भी प्रदर्शन किया गया. साथ ही फोकल शिक्षिका अंजू रानी, सहायक शिक्षिका कुमारी रत्ना, रश्मि कुमारी, अलका कुमारी व आपदा सुरक्षा मंत्री रवि कुमार,गुंजा खातून, वंशिका पटेल ने भी अग्नि शमन हेतु रसोई गैस में लगने वाली आग से निजात दिलाने के प्रदर्शन किये. इस तरह के कार्यो से स्कूलों के बच्चों को वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने का अनुभव प्राप्त हुआ. कार्यक्रम की संयोजिका नगरपालिका मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापक अंजू कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता विकसित करते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: VINAY PANDEY

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >