सीतामढ़ी: गन्ना किसानों ने 750 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य की मांग, लागत आंकड़ों के साथ मुख्यमंत्री को भेजा मेल

बिहार के सीतामढ़ी में गन्ना किसानों ने नए पेराई सत्र के लिए गन्ने का न्यूनतम मूल्य ₹750 प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग की है. किसान मोर्चा ने सरकार को विस्तृत लागत आंकड़े भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है.

Sitamarhi News: सीतामढ़ी. नए पेराई सत्र 2026-27 से पहले गन्ना का मूल्य 750 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग तेज हो गई है. बिहार राज्य गन्ना किसान मोर्चा ने मुख्यमंत्री, गन्ना उद्योग विकास मंत्री, गन्ना सचिव और गन्ना आयुक्त को मेल भेजकर मामले में सीधे हस्तक्षेप की मांग की है. मोर्चा ने एक एकड़ गन्ना खेती की लागत का विस्तृत आंकड़ा भी सरकार के सामने रखा है.

गन्ना किसानों को 750 रुपये प्रति क्विंटल भाव देने की मांग

मोर्चा के अध्यक्ष अशोक प्रसाद सिंह और महासचिव प्रो. आनंद किशोर ने कहा कि सरकार चीनी मिलें शुरू कराने और गन्ना खेती को लेकर गंभीर है, लेकिन यही गंभीरता किसानों के हित में भी दिखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार खेती की समग्र लागत पर डेढ़ गुना मूल्य देने का वादा करती रही है, जबकि किसानों को फिलहाल लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है.

एक गन्ने से चार कमाई, फिर भी किसान घाटे में

किसान नेताओं का कहना है कि चीनी मिल मालिक गन्ने से कई तरह से कमाई करते हैं. गन्ने से चीनी, छोआ से इथेनॉल, छाई से खाद और खोई से बिजली का उत्पादन किया जाता है. मोर्चा का कहना है कि इस अतिरिक्त लाभ का एक हिस्सा गन्ना उत्पादक किसानों को भी मिलना चाहिए.

उन्होंने कहा कि गन्ना खेती को बचाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कम से कम लागत मूल्य मिलना जरूरी है. लागत से कम भुगतान होने पर किसान गन्ने की खेती छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं.

752 रुपये प्रति क्विंटल कैसे निकली लागत?

मोर्चा ने किसानों के साथ विमर्श के बाद एक एकड़ गन्ना खेती का विस्तृत लागत आंकड़ा तैयार किया है. खेत की तैयारी, ईख बीज, बीज काटना-छीलना, कंपोस्ट, डीएपी, पोटाश, यूरिया, जिंक, कीटनाशक, नाला चिराई, रोपनी, निकौनी, जुताई, छिड़काव, मिट्टी चढ़ाना, बंधाई, रखवाली, कटाई, ढुलाई-लदाई और अन्य खर्चों को जोड़कर कुल लागत 1,23,130 रुपये बताई गई है.

इस पर 4 प्रतिशत ब्याज जोड़ने के बाद लागत 1,28,055 रुपये होती है. वहीं जमीन की न्यूनतम कीमत 15 लाख रुपये प्रति एकड़ मानकर 4 प्रतिशत ब्याज के रूप में 60 हजार रुपये जोड़ने पर कुल लागत 1,88,055 रुपये पहुंचती है.

250 क्विंटल उत्पादन मानकर निकाला गया लागत मूल्य

मोर्चा के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में एक एकड़ में करीब 250 क्विंटल गन्ने के उत्पादन का अनुमान है. कुल लागत 1,88,055 रुपये को 250 क्विंटल उत्पादन से विभाजित करने पर लागत करीब 752 रुपये प्रति क्विंटल बैठती है.

इसी आधार पर किसान मोर्चा ने नए पेराई सत्र में कम से कम 750 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य सुनिश्चित करने की मांग की है.

सरकार अपने राजकोष से दे अतिरिक्त मूल्य : मोर्चा

गन्ना किसान मोर्चा ने मांग की है कि चीनी मिलों से किसानों को जो मूल्य दिलाया जाए, उसके बाद यदि अतिरिक्त मूल्य देना पड़े तो सरकार स्वयं अपने राजकोष से भुगतान करे. मोर्चा ने स्पष्ट किया कि लागत से कम मूल्य किसानों को किसी भी स्थिति में मंजूर नहीं होगा.

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लेखक के बारे में

By राकेश कुमार राज

राकेश पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों का व्यापक अनुभव रखते हैं. राकेश क्राइम रिपोर्टिंग के अलावा सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने के लिए जाने जाते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति और दिलचस्प किस्से-कहानियों में उनकी विशेष रुचि है.

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