सीतामढ़ी से रतिकांत झा की रिपोर्ट
Sitamarhi News: मानसून के आगमन से पहले हुई मामूली बारिश ने सीतामढ़ी शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है. बुधवार और गुरुवार को हुई हल्की बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे आम लोगों, मरीजों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
शहर के सदर अस्पताल परिसर में पानी जमा हो जाने से मरीजों और उनके परिजनों को आने-जाने में कठिनाई हुई. इसके अलावा कोट बाजार, जानकी स्थान, गौशाला, मुरलिया चक और डुमरा रोड समेत कई क्षेत्रों में सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा.
नालों की उड़ाही और ड्रेनेज निर्माण पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों की समय पर और समुचित सफाई तथा उड़ाही नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया. लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कई जगहों पर जलनिकासी की व्यवस्था प्रभावी नहीं है. वहीं, बुडको द्वारा स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम योजना के तहत चल रहे नाला निर्माण कार्य के कई स्थानों पर अधूरा रहने से भी जलनिकासी प्रभावित हो रही है. इससे बारिश का पानी तेजी से निकल नहीं पा रहा है.
नगर निगम ने जलनिकासी का किया दावा
नगर निगम के स्वच्छता पदाधिकारी गौतम कुमार ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए निगम की ओर से पांच मोटर पंप और सेक्शन पाइप लगाए गए थे. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल, गौशाला, डुमरा रोड, मुरलिया चक, कोट बाजार सहित अन्य प्रभावित इलाकों से पानी की निकासी करा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
मानसून को लेकर बढ़ी चिंता
शहरवासियों के बीच अब यह चिंता बढ़ने लगी है कि यदि मानसून पूर्व हुई मामूली बारिश में ही जलजमाव की ऐसी स्थिति बन रही है, तो आगामी मानसूनी सीजन के दौरान समस्या और गंभीर हो सकती है.
लोगों का कहना है कि जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए संबंधित एजेंसियों को समय रहते प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि बारिश के दौरान आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े.
