Sitamarhi: शव वाहन नहीं, स्ट्रेचर भी नहीं… सीतामढ़ी सदर अस्पताल में परिजनों की बेबसी

सरकारी अस्पताल में ऐसी लापरवाही कि परिजनों को शव ठेले पर ले जाना पड़ा. सीतामढ़ी की यह तस्वीर झकझोर देगी. पढ़ें पूरी खबर…

Sitamarhi News: सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है, जब परिजनों को शव ले जाने के लिए ठेले का सहारा लेना पड़ा. यह घटना अस्पताल की बदइंतजामी को उजागर करती है.

मामला डुमरा प्रखंड के चक्का रसलपुर गांव का है. यहां के निवासी अमर कुमार को बिजली का करंट लग गया था. गंभीर हालत में परिजन उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया.

स्ट्रेचर और शव वाहन की व्यवस्था नहीं

मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई. परिजनों को न तो स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया और न ही शव वाहन की कोई व्यवस्था की गई. मजबूरन उन्हें शव को ठेले पर रखकर घर ले जाना पड़ा. इस दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद लोग इस दृश्य को देखते रहे.

परिजनों ने कार्रवाई की मांग की

मृतक के परिजन उपदेश राय ने बताया कि अस्पताल में किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली, जिससे उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी. उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.

सरकार द्वारा हर महीने करोड़ों रुपये खर्च कर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है।

इस घटना ने एक बार फिर अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है.

सीतामढ़ी से अमिताभ कुमार की रिपोर्ट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >