Sitamarhi News: भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने सोमवार को सीतामढ़ी के पुपरी में बड़ी कार्रवाई की है. पटना से आई विशेष टीम ने पुपरी पुलिस इंस्पेक्टर कार्यालय के रीडर गोविंद कुमार को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में अफरा-तफरी का माहौल है.
केस से नाम हटाने और धारा कम करने का था मामला
पूरा मामला बोखड़ा थाना क्षेत्र के पतनुका गांव से जुड़ाहै. दर्ज प्राथमिकी (कांड संख्या 109/26) में अभियुक्त बनाए गए अशर्फी ठाकुर के परिजनों का नाम केस से निकालने और धारा 110 हटाने के बदले रीडर ने पैसों की मांग की थी. आरोप है कि रीडर गोविंद कुमार ने पीड़ित के नाबालिग भांजे का नाम हटाने और केस की टाइपिंग के एवज में कुल 35,000 रुपये मांगे थे. काफी बातचीत के बाद मामला 20,000 रुपये में तय हुआ.
निगरानी की टीम ने बिछाया जाल
रिश्वत मांगे जाने से परेशान होकर अशर्फी ठाकुर ने इसकी लिखित शिकायत निगरानी विभाग, पटना से की थी. विभाग ने मामले का सत्यापन कराया और दो डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की. सोमवार सुबह जैसे ही पीड़ित ने इंस्पेक्टर कार्यालय में रीडर को केमिकल लगे नोट थमाए, पहले से घात लगाकर बैठी टीम ने उसे दबोच लिया.
आरोपी को पूछताछ के लिए पटना ले गई टीम
गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम आरोपी रीडर गोविंद कुमार को अपने साथ पटना ले गई है. वहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी.पुपरी इंस्पेक्टर अविनाश चंद्रा ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई के विस्तृत विवरण जुटाए जा रहे हैं.
सीतामढ़ी के पुपरी से बैद्यनाथ ठाकुर की रिपोर्ट
