सीतामढ़ी से राकेश कुमार राज की रिपोर्ट
Sitamarhi News: सीतामढ़ी के खैरवा गांव में सैटेलाइट सीतापुरम प्रोजेक्ट को लेकर किसानों और मजदूरों का विरोध अब तेज होता दिख रहा है. भूमि अधिग्रहण के दायरे में आए सैकड़ों ग्रामीणों ने गुरुवार को महापंचायत आयोजित कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. किसानों ने साफ कहा कि उनकी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी और सरकार को यह परियोजना तत्काल वापस लेनी चाहिए. इस दौरान संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए 21 सदस्यीय भूमि बचाओ संघर्ष समिति का भी गठन किया गया.
महापंचायत में दिखी बड़ी एकजुटता
भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और ग्रामीण शामिल हुए. बैठक की अध्यक्षता समिति सदस्य रामसागर ठाकुर ने की. वक्ताओं ने कहा कि खेती की जमीन ग्रामीणों की आजीविका का आधार है और इसके बिना उनका भविष्य संकट में पड़ जाएगा.
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
संघर्ष समिति के संरक्षक बैद्यनाथ हाथी ने कहा कि किसानों की जमीन लेकर बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. वहीं समिति सदस्य प्रो. आनंद किशोर ने आरोप लगाया कि टाउनशिप के नाम पर बड़ी मात्रा में भूमि अधिग्रहित कर उसे पूंजीपतियों के हवाले करने की योजना बनाई गई है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की शिक्षा, रोजगार और जीवनयापन जैसे मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है.
गांव-गांव बनेगी संघर्ष समिति
पूर्व मुखिया शंभू यादव ने कहा कि आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा. इसके लिए अलग-अलग गांवों में संघर्ष समितियों का गठन कर लोगों को जोड़ा जाएगा. महापंचायत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सांसदों और विधायकों से मुख्यमंत्री के स्तर पर हस्तक्षेप कर योजना रद्द कराने की मांग भी की गई.
21 सदस्यीय समिति का गठन
महापंचायत के अंत में 21 सदस्यीय भूमि बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया गया. रामसागर ठाकुर को संयोजक और शिवचंद्र यादव को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई. समिति ने आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करने का संकेत दिया है.
