Sitamarhi: परिहार में शो-पीस बनकर रह गया पंचायत सरकार भवन, अधूरा पड़ा निर्माण

Sitamarhi News: सीतामढ़ी के परिहार में 7 साल से अधूरा पड़ा है 1.60 करोड़ का पंचायत सरकार भवन. जगदर में झाड़ियां उगीं, तो परसा में बिना योजना पट के निर्माण हो रहा है. प्रशासनिक उदासीनता और भ्रष्टाचार के दावों के बीच ग्रामीण विकास अधर में है. पढे़ं पूरी खबर…

Sitamarhi News: ग्रामीणों को ब्लॉक के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाने और एक ही छत के नीचे सारी सरकारी सुविधाएं देने के वादे के साथ शुरू हुई ‘पंचायत सरकार भवन’ योजना जगदर पंचायत में खुद ही सरकारी उपेक्षा का शिकार हो गई है. साल 2017-18 में बड़े तामझाम और सुनहरे भविष्य के वादों के साथ जिस इमारत की नींव रखी गई थी, वह 7 साल बाद भी अपनी मुकम्मल पहचान तलाश रही है.

करोड़ों खर्च, पर मिला क्या? 

करीब 1.60 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से बन रही यह इमारत आज एक ‘सफेद हाथी’ साबित हो रही है. आधे-अधूरे खिड़की-दरवाजे, धूल फांकते कमरे और बाहर उगी कटीली झाड़ियां चीख-चीख कर व्यवस्था की बदहाली बयां कर रही हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि जनता की गाढ़ी कमाई को केवल शो-पीस बनाने में बर्बाद कर दिया गया.

प्रतिनिधियों के दावे और जमीनी हकीकत

वर्तमान मुखिया दिनेश पूर्वे जहां फंड की कमी और तकनीकी बाधाओं (MB प्रक्रिया) का रोना रो रहे हैं, वहीं ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है. स्थानीय ग्रामीण रुस्तम अली का कहना है कि यह मामला केवल लापरवाही का है. उधर, परसा पंचायत के इंदरवा में बन रहे भवन की स्थिति और भी रहस्यमयी है; वहां निर्माण अंतिम चरण में है लेकिन बिना ‘योजना पट’ के काम होने से पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं.

जांच का आश्वासन: क्या बदलेगी तस्वीर?

मामले की गंभीरता को देखते हुए बीपीआरओ अभिनय गिरी ने बताया कि जगदर पंचायत के भवन की जांच रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेज दी गई है. वहीं परसा पंचायत के मामले में भी कनीय अभियंता से जल्द जांच कराने का भरोसा दिया गया है. अब देखना यह है कि क्या ये इमारतें कभी ग्रामीणों के काम आएंगी या प्रशासनिक फाइलों में ही दफन हो जाएंगी.

सीतामढ़ी के परिहार से मो. दुलारे की रिपोर्ट

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Published by: Aniket Kumar

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