सीतामढ़ी से राकेश कुमार राज की रिपोर्ट
Sitamarhi News: एक समय फिटनेस को केवल बॉडी बिल्डरों और खिलाड़ियों तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब यह आम लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुकी है. सोशल मीडिया, हेल्थ अवेयरनेस और बदलती लाइफस्टाइल के असर से सीतामढ़ी में जिम और योग का क्रेज लगातार बढ़ रहा है. शहर ही नहीं, कस्बों में भी फिटनेस सेंटरों की संख्या तेजी से बढ़ी है.
महिलाओं और युवाओं में बढ़ा फिटनेस का क्रेज
सुबह-शाम पार्कों, ओपन जिम और फिटनेस सेंटरों में बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं वर्कआउट करती नजर आ रही हैं. शहर के द फिटनेस जिम के संचालक आदित्य सिंह बताते हैं कि अब महिलाएं केवल वजन घटाने के लिए नहीं, बल्कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए भी जिम आ रही हैं. वहीं युवा वर्ग फंक्शनल ट्रेनिंग, कैलिस्थेनिक्स और हाई इंटेंसिटी वर्कआउट को प्राथमिकता दे रहा है. इसके साथ ही न्यूट्रिशन और डाइट काउंसिलिंग की मांग भी लगातार बढ़ रही है.
योग से मिल रहा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का लाभ
योग शिक्षक कुमार रजनीश के अनुसार बदलती जीवनशैली, बढ़ती बीमारियों और सोशल मीडिया के प्रभाव ने योग को नई पहचान दी है. पिछले एक दशक में सीतामढ़ी में योग के प्रति लोगों की रुचि काफी बढ़ी है. ऑनलाइन क्लास और मोबाइल ऐप्स की वजह से भी अधिक लोग नियमित योग अभ्यास से जुड़ रहे हैं. खासकर महिलाओं की भागीदारी पहले की तुलना में काफी बढ़ी है.
डॉक्टर बोले- नियमित व्यायाम से कई बीमारियों से बचाव
चिकित्सक डॉ. प्रमोद कुमार का कहना है कि नियमित व्यायाम और योग से डायबिटीज, हृदय रोग और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है. हालांकि उन्होंने बिना विशेषज्ञ की सलाह के ओवर ट्रेनिंग और अनियंत्रित डाइट अपनाने से बचने की सलाह दी. उनका कहना है कि फिटनेस अब केवल शरीर बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है.
