सीतामढ़ी/पुपरी. नये साल के पहले दिन गुरुवार को जब लोग बिस्तर से उठे, तो वातावरण में घनघोर धुंध लगा हुआ था. विजिबिलिटी काफी कम थी. 10 मीटर की दूरी पर भी अदृश्यता थी. हवा शांत थी. सुबह करीब 10.00 बजे तक धुंध छंटा. इसके बाद करीब पखवारे भर बाद आंशिक रूप से सूर्य का दर्शन हुआ. करीब 11.00 बजे धूप खिल गयी. धूप खिलते ही पखवारे भर से धूप से वंचित लोगों के चेहरे खिल उठे. काफी दिनों बाद लोगों को कपड़ों को सुखाने का भी मौका मिला. हालांकि, धूप खिलने के बाद एक बार फिर से सर्द पछुआ हवा चलने का दौर शुरू हो गया. इसके बाद फिर से अंदर से कंपा देने वाली ठंड महसूस की जाने लगी. जिला कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ राम इश्वर प्रसाद से मिली जानकारी के अनुसार, भारत मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, फिलहाल ठंड से कोई राहत मिलने की संभावना नहीं दिख रही है. गुरुवार को जिले का न्यूनतम तापमान करीब नौ व अधिकतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यही स्थिति आने वाले दिनों में भी रहने की संभावना है. सुबह धुंध लगेगा, तो कुछ घंटे धूप खिल सकती है. धुंध नहीं रहेगा, तो सूर्य निकलने की संभावना कम रहेगी. — हाड़ कंपाने वाली ठंड में भी पुपरी में अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं
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