मानव विकास के प्रकाश स्तंभ व मानव एकता का अनूठा संगम थे सद्गुरु कबीर

श्री नरसिंह दास रामेश्वर लाल हिसारिया कबीर महामंडल में गत वर्षों की तरह इस बार भी कबीर प्रकाट्य दिवस पर दो दिवसीय सद्गुरु सत्संग व सद्ज्ञान महायज्ञ का आयोजन सचिव महंत राम विवेक दास की अध्यक्षता में हुआ.

सीतामढ़ी. स्थानीय अस्पताल रोड स्थित श्री नरसिंह दास रामेश्वर लाल हिसारिया कबीर महामंडल में गत वर्षों की तरह इस बार भी कबीर प्रकाट्य दिवस पर दो दिवसीय सद्गुरु सत्संग व सद्ज्ञान महायज्ञ का आयोजन सचिव महंत राम विवेक दास की अध्यक्षता में हुआ. संचालन संचालन भूषण दास ने की. इस दौरान विभिन्न जिले से पहुंचे संत-महात्माओं ने अपने प्रवचन व भजनों से अनुयायियों को उत्साहित किया. संत भूषण दास ने कहा सद्गुरु कबीर साहेब का प्रकाट्य भारतीय इतिहास के मध्य युग में हुआ जब कट्टरपंथी मुसलमान अपने मजहब को फैलाने व मनवाने के लिए अत्याचार कर रहे थे. धर्म के नाम पर लड़ाई- झगड़ा करके मानव का रक्त बहाया जा रहा था. छूत- अछूत एवं ऊंच- नीच के भेदभाव से मानव समाज छिन-भिन्न हो रहा था. रात- दिन मानव का शोषण, मानवता त्रस्त व दुखी मानव का जीना कठिन हो गया था. ऐसी विषमता पूर्ण विकराल दुखद स्थिति में सत्य को रोकने एवं सत्य को सामने लाने वाले ज्ञान मोक्ष प्रदाता सत्पुरुष कबीर साहेब का प्रकाट्य काशी लहर तालाब में कमल पत्र पर जेष्ठ पूर्णिमा के दिन हुआ था. महात्मा विजय दास ने कहा कबीर मानव विकास के प्रकाश स्तंभ व मानव एकता का अनूठा संगम थे. उनकी दृष्टि में पवित्र भावना से हर करम पूजा है, जिसका फल परमानंद और परम शांति है. मौके पर महंत हीरा दास, महंत किशन गोस्वामी, महंत राम इकबाल दास, महंत दिनेश दास, डॉ रमाशंकर साह, सूरज दास, उत्तम दास, महंत मदन दास, गगनदेव दास, महेंद्र दास, राजेंद्र दास, अमरेंद्र राय, अरविंद कुमार, रणधीर कुमार, विकास कुमार, कलावती देवी, चंद्रकला देवी व रीता देवी समेत अन्य मौजूद थे. धन्यवाद ज्ञापन महंत रामरूप दास ने की. बाद में बड़ी संख्या में लोग भंडारा में शामिल हुए.

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By VINAY PANDEY

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