बेला(सीतामढ़ी). थाना क्षेत्र के भगवतीपुर वार्ड नंबर पांच(भारत-नेपाल के सीमावर्ती) में हथियारबंद नकाबपोश डकैतों ने शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) सह बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के उपसचिव रामाश्रय प्रसाद के घर धावा बोलकर पांच लाख कैश व सोने-चांदी के जेवरात समेत करीब 15 लाख से ऊपर की संपत्ति लूट ली. घटना रविवार देर रात की बतायी जा रही है. बताया जा रहा है कि दहशत फैलाने के उद्देश्य से डकैतों ने फायरिंग भी की. डकैतों ने परिजनों को गन प्वाइंट पर बंधक बनाकर करीब आधे घंटे तक लूटपाट की. इसके बाद सभी पश्चिम-उत्तर दिशा की ओर भाग निकले. सूचना पर थानाध्यक्ष अचल अनुराग दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की. इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक सह सदर एसडीपीओ टू आशीष आनंद एवं सुरसंड सर्किल इंस्पेक्टर भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. सोमवार को डॉग स्क्वायड की टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन डकैतों का कोई सुराग नहीं मिल सका. इसके बाद फोरेंसिक टीम पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किया. पुलिस ने मौके से एक खोखा तथा डकैती में प्रयुक्त एक खंती भी बरामद किया है.
अपराधियों की संख्या सात बतायी जा रही
अपराधियों की संख्या सात बतायी जा रही है. जानकारी के मुताबिक, रविवार की रात परिवार के सभी सदस्य खाना खाकर सोने चले गए. देर रात करीब 12 बजे रामाश्रय प्रसाद का पालतू कुत्ता भौंकने लगा. लगातार कुत्ते के भौंकने पर श्री प्रसाद मुख्य द्वार में लगा ग्रिल खोलकर बाहर निकले, लेकिन कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं दिखी. वे पुनः वापस आकर अपने कमरे में लेट गये. कुछ देर बाद डकैत ग्रिल के अंदर हाथ डालकर कुंडी खोल दिया और बरामदे में आ गए. इसके बाद धारदार हथियार से मुख्य हाल में लगा दरवाजा तोड़ने लगे. दरवाजा नहीं टूटे इसके लिए रामाश्रय प्रसाद, उनके पुत्र सुमित कुमार एवं पुत्रवधु इंदिरा कुमारी दरवाजे के इस तरफ खड़े हो गए.
हॉल के अंदर गन डालकर फायरिंग कर दी
इसी बीच अपराधियों के वार से दरवाजे में ऊपर की तरफ करीब 10 x 5 इंच का होल बन गया. बाहर खड़े डकैतों में एक ने हॉल के अंदर गन डालकर फायरिंग कर दी. गोली इंदिरा की कनपटी के समीप से निकलती हुई पीछे की ओर की खिड़की के शीशे में छेद करती हुई निकल गयी. इसके बाद उन लोगों ने दरवाजा खोल दिया. फिर परिवार के सदस्यों को एक कमरे में बंधक बना लिया और करीब आधे घंटे तक लूटपाट की. बाद में कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर सभी अपराधी भाग निकले.
