कोर्ट का सूडानी नागरिक का रिमांड लेने से इंकार

जिले के पुपरी शहर के ग्रिल की दुकान से बुधवार को गिरफ्तार सूडानी नागरिक का कोर्ट द्वारा रिमांड लेने से इन्कार कर दिया गया और उसे उसके अधिवक्ता के हवाले करने का आदेश दिया गया.

सीतामढ़ी. जिले के पुपरी शहर के ग्रिल की दुकान से बुधवार को गिरफ्तार सूडानी नागरिक का कोर्ट द्वारा रिमांड लेने से इन्कार कर दिया गया और उसे उसके अधिवक्ता के हवाले करने का आदेश दिया गया. बता दें कि बुधवार को सूडानी व्यक्ति बराका इशाग मुर्शाल के पास से किसी प्रकार के वैध दस्तावेज़ बरामद नहीं होने से उसे पुपरी पुलिस गिरफ्तार कर ली थी. उसके बाद सूडानी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस उसे रिमांड के लिए कोर्ट में लेकर पहुंची थी. रिमांड अधिवक्ता बालबीर प्रसाद के तर्कों से संतुष्ट होकर कोर्ट ने उसका रिमांड नहीं लिया और उसे उसके वकील के हवाले करने का आदेश दिया.

— मधुबनी कोर्ट से है बेल पर

रिमांड अधिवक्ता प्रसाद (असहाय, गरीब व कमजोर का कोर्ट में पक्ष रखने को विधिवत नियुक्त अधिवक्ता) ने बताया कि उक्त सूडानी छात्र है. उसके पास पासपोर्ट है, जबकि वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी है. इसी कारण कुछ माह पूर्व मधुबनी जिले की हरलाखी थाने की पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था. उसे छह माह जेल में रहना पड़ा था. मधुबनी में सूडानी छात्र के वकील ने लोकल दो व्यक्ति की व्यवस्था कर उसे जमानत पर जेल से बाहर निकाला था. मधुबनी कोर्ट ने सूडानी को किसी डिटेंशन सेंटर में रखने को कहा था. इसी बीच, उसके अधिवक्ता ने एक क्रिमिनल मिसलेनियस केस फाइल किया, जिसके आलोक में कोर्ट ने उसे उसके कर्नाटक के एक दोस्त के हवाले करने का आदेश दिया. साथ ही सूडानी को हर तारीख पर कोर्ट में उपस्थित रहने व देश नहीं छोड़ने का आदेश दिया गया था. कुछ दिनों तक वह कर्नाटक वाले दोस्त के साथ दिल्ली में भी रहा है.

— सूडानी नागरिक को रिफ्यूजी का कार्ड

रिमांड अधिवक्ता प्रसाद ने बताया कि वीजा की अवधि समाप्त समेत अन्य मामलों में फंसे विदेशी नागरिकों को कानूनी समेत अन्य सहयोग प्रदान के लिए दिल्ली में यूएनएचसीआर नामक एक संस्था है. उक्त संस्था ने सूडान दूतावास से संपर्क कर जानकारी दी कि सूडानी नागरिक बराका का वीजा अवधि समाप्त है. सूडान में सेना और आम नागरिक में जंग छिड़े होने के कारण हवाई सेवा बंद है. इस लिहाज से सूडानी नागरिक न तो अपने देश में जा सकता है और न भारत में रहने को योग्य है. ऐसे में सूडानी नागरिक को ””””रिफ्यूजी कार्ड”””” निर्गत करने की अनुमति दी जाए. सूडान दूतावास ने भारत सरकार से पत्राचार कर बराका को ””””रिफ्यूजी कार्ड”””” निर्गत करा दिया. बता दे कि उक्त संस्था को भारत सरकार से रिफ्यूजी कार्ड निर्गत करने की अनुमति मिली हुई है. यही संस्था सूडानी को कार्ड निर्गत की हुई है. रिमांड अधिवक्ता प्रसाद ने बताया कि उक्त कार्ड वर्ष 2026 तक वैध है. वर्ष 2026 के बाद अगर वह अपने देश लौटता है, तो ठीक है, अन्यथा कार्ड की अवधि बढ़ानी पड़ेगी. रिमांड अधिवक्ता द्वारा कोर्ट व सूडानी दूतावास से निर्गत कागजातों को कोर्ट में पेश किया गया, जिससे संतुष्ट होकर कोर्ट द्वारा उसका रिमांड नहीं लिया गया. यानी रिमांड लेने का कोई पुख्ता आधार नहीं था. बताया कि 20 जून 2025 को मधुबनी में सूडानी की तारीख है. उसे कोर्ट में मौजूद रहना है. कोर्ट के आदेश पर पुपरी पुलिस उसे लेकर थाना लौट गयी थी. गुरुवार को सूडानी व्यक्ति के अधिवक्ता थाना पर पहुंच कर उसे ले गए होंगे.

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Author: VINAY PANDEY

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