महिला पुलिस अब रखवाली तक नहीं, समाज को सुरक्षित व जागरूक बनाने में भी अग्रणी भूमिका निभा रही

बालिकाओं को साइबर अपराध व लैंगिक हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों के प्रति सजग करने के लिए जिला महिला थाना द्वारा शुक्रवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय, डुमरा में एक प्रभावशाली सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

सीतामढ़ी. बालिकाओं को साइबर अपराध व लैंगिक हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों के प्रति सजग करने के लिए जिला महिला थाना द्वारा शुक्रवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय, डुमरा में एक प्रभावशाली सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में छात्राओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे मोबाइल ऐप, सोशल मीडिया व मैसेजिंग सर्विस अपराधियों के हथियार बनने की जानकारी दी गयी. छात्राओं को फर्जी प्रोफाइल, ब्लैकमेलिंग, ऑनलाइन फ्रॉड व डेटा चोरी से जुड़ी घटनाओं से सतर्क रहने की सलाह दी गयी. पुलिस टीम ने आत्मरक्षा के आसान और व्यावहारिक उपाय, कानूनी मदद लेने के तरीके और महिला हेल्पलाइन जैसे संसाधनों की जानकारी दी. बताया गया कि कोई भी शंका या डर होने पर तुरंत नजदीकी थाना या भरोसेमंद शिक्षक से संपर्क करने की सलाह दी गयी. जागरूकता अभियान को एसपी अमित रंजन के मार्गदर्शन में संचालित किया गया, जिन्होंने बताया है कि जानकारी ही असली सुरक्षा है. विद्यालय की शिक्षिकाओं और छात्राओं ने इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत किया और इसे आज के समय में बेहद जरूरी कदम बताया. कार्यक्रम ने बच्चियों को न सिर्फ सतर्क किया, बल्कि उनके भीतर ना कहना और सही वक्त पर बोलना जैसी हिम्मत भी भरी. महिला थाना की यह पहल दिखाती है कि पुलिस अब सिर्फ कानून की रखवाली तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को सुरक्षित और जागरूक बनाने में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है.

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By VINAY PANDEY

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