जिस गांव में अंग्रेजों के खिलाफ उठी थी आवाज, वहीं शहीद मथुरा मंडल को किया गया याद

रीगा प्रखंड के रेवासी गांव में अमर शहीद मथुरा मंडल का शहादत दिवस मनाया गया. स्वतंत्रता आंदोलन में उनके महत्वपूर्ण योगदान और 1942 में उनके बलिदान को ग्रामीणों ने याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की.

Sitamarhi News: सीतामढ़ी. रीगा प्रखंड के रेवासी गांव स्थित पंचायत भवन सभागार में शनिवार को अमर शहीद मथुरा मंडल का शहादत दिवस मनाया गया. इस अवसर पर पंचायत भवन परिसर स्थित उनके स्मारक पर मुखिया अनिल कुमार मंडल, पूर्व मुखिया रामजी मंडल समेत उपस्थित लोगों ने फूल-माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम में स्वतंत्रता आंदोलन में मथुरा मंडल के योगदान को याद किया गया.

Riga News: शहीद मथुरा मंडल को अर्पित किए श्रद्धासुमन

शहादत दिवस के अवसर पर लोगों ने शहीद मथुरा मंडल के स्मारक पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया. कार्यक्रम में उनके बलिदान और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष को याद करते हुए उनके योगदान पर चर्चा की गई.

असहयोग आंदोलन में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका

मुखिया अनिल कुमार मंडल और पूर्व मुखिया रामजी मंडल ने बताया कि मथुरा मंडल ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था. उन्होंने ग्रामीणों को संगठित कर अंग्रेजी शासन के खिलाफ आंदोलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

29 अगस्त 1942 को गोलियों से छलनी कर दिया गया था

कार्यक्रम में बताया गया कि 29 अगस्त 1942 को अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष के दौरान मथुरा मंडल को उनके ही गांव रेवासी में गोलियों से छलनी कर दिया गया था. उस समय रेवासी गांव अंग्रेजी शासन के विरोध का प्रमुख केंद्र बना हुआ था.

रेवासी को बनाया था आंदोलन का केंद्र

वक्ताओं के अनुसार मथुरा मंडल ने अंग्रेजी हुकूमत को देश से भगाने के उद्देश्य से संगठन का निर्माण किया था. उन्होंने आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के साथ महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन को रेवासी क्षेत्र में गति देने का काम किया.

शहीद परिवार के सदस्य भी रहे मौजूद

शहादत दिवस कार्यक्रम में शहीद परिवार के सदस्य बृजनाथ मंडल, राम एकबाल मंडल, जगरनाथ मंडल और अजय मंडल मौजूद रहे. इनके अलावा ललिता देवी मंडल, पूर्व सरपंच शंकर मंडल, गौरी शंकर मंडल समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कार्यक्रम में शामिल होकर शहीद मथुरा मंडल को श्रद्धांजलि दी.

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लेखक के बारे में

By राकेश कुमार राज

राकेश पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों का व्यापक अनुभव रखते हैं. राकेश क्राइम रिपोर्टिंग के अलावा सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने के लिए जाने जाते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति और दिलचस्प किस्से-कहानियों में उनकी विशेष रुचि है.

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