Sitamarhi News: नेपाल सीमा से सटे ऐतिहासिक मेजरगंज बाजार की पहचान इन दिनों गंदगी और बदहाल व्यवस्था के कारण चर्चा में है. प्रखंड मुख्यालय से लेकर सब्जी मंडी तक फैली गंदगी, बजबजाती नालियां और बदबू से स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
स्वच्छता अभियान पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान के बावजूद बाजार की हालत लगातार खराब होती जा रही है. सड़क किनारे कचरे का ढेर और जाम नालियों के कारण पूरे इलाके में दुर्गंध फैली रहती है.
हल्की बारिश होते ही स्थिति और भी गंभीर हो जाती है. पानी निकासी नहीं होने से बाजार की सड़कें कीचड़ और गंदे पानी से भर जाती हैं.
सरकारी आवास भी हो रहे खाली
गंदगी और बदबू का असर सरकारी दफ्तरों और आवासों पर भी पड़ रहा है. बताया जा रहा है कि प्रखंड परिसर में बने कई सरकारी आवास खाली पड़े हैं, क्योंकि अधिकारी वहां रहने से बच रहे हैं.
सब्जी मंडी में भी कचरे के बीच दुकानें लग रही हैं, जहां लोगों को मजबूरी में सब्जियां और फल खरीदने पड़ रहे हैं. नेपाल से आने वाले व्यापारियों को भी इस समस्या से जूझना पड़ रहा है.
अधूरा नाला और अतिक्रमण बना परेशानी
स्थानीय व्यवसायी सुरेंद्र मोदी, रविंद्र सिंह और विजय हिसारिया समेत अन्य लोगों ने बताया कि मुख्य समस्या नाले पर अतिक्रमण और अधूरा निर्माण कार्य है.
मुख्य सड़क किनारे लाखों रुपये की लागत से नाला निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन वर्षों बाद भी काम पूरा नहीं हो सका. कई जगहों पर लोगों ने नालों को मिट्टी से भरकर दुकानें बना ली हैं, जिससे जलनिकासी पूरी तरह बाधित हो गई है.
प्रशासन ने कार्रवाई का दिया भरोसा
मामले को लेकर सीओ विनीता ने बताया कि पूर्व में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी. उन्होंने कहा कि जल्द ही फिर अभियान चलाकर बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रयास किया जाएगा.
सीतामढ़ी के मेजरगंज से अमरेंद्र कुमार सिंह की रिपोर्ट
