सुरसंड (सीतामढ़ी) थानांतर्गत अदलपुर गांव में तेज रफ्तार टेंपो की ठोकर से गंभीर रूप से जख्मी सिद्धांत कुमार (10) की मौत शुक्रवार को सुबह 10 बजे इलाज के दौरान मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में हो गयी. आरोप है कि इलाज का खर्च देने में अक्षम परिजनों को हॉस्पिटल के डॉक्टर ने शव देने से इनकार कर दिया. 12 घंटे तक शव को वेंटिलेटर पर रखा गया था. उसके पिता कुम्मा पंचायत के बखरी वार्ड संख्या 10 निवासी जतन पासवान सपरिवार दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं. घटना की सूचना पर शुक्रवार की शाम सपरिवार अदलपुर अपनी ससुराल पहुंचे. उसके बाद पुत्र का शव लेने के लिए प्रखंड प्रमुख चंदन कुमार व सरपंच प्रतिनिधि मो इतवारी के साथ मुजफ्फरपुर गये.
हॉस्पिटल प्रबंधक ने दवा, जांच व इलाज का खर्च 64 हजार बताया. प्रमुख ने बताया कि काफी जद्दोजहद के बाद 52 हजार पर सहमति बनी. परिजनों के पास कम पैसा रहने के चलते अभी तक शव नहीं मिल सका है. गुरुवार को बालक अदलपुर गांव में एनएच 227 के बगल में चाय की दुकान पर खड़ा था. वहां सीतामढ़ी से सुरसंड की ओर जा रहे तेज रफ्तार टेंपो ने उसे ठोकर मार दी. इसमें उसका सिर गंभीर रूप से जख्मी हो गया. बगल में खड़ी अदलपुर वार्ड संख्या दो निवासी मो शरीफुल की पुत्री सुहाना खातून (आठ) का भी हाथ टूट गया. दोनों को इलाज के लिए सीएचसी ले जाया गया. जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद सिद्धांत को गंभीर स्थिति में सीतामढ़ी सदर अस्पताल रेफर कर दिया. वहां भी इलाज संभव नहीं होने पर उसे मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया गया. वह बचपन से ही अदलपुर गांव में अपने नाना रामजीवन पासवान के यहां रह रहा था. बखरी वार्ड संख्या 10 के वार्ड सदस्य सह उपमुखिया सीता देवी ने बताया कि वह चार भाइयों में सबसे बड़ा था. उसके दादा दुलार पासवान व दादी रामसखी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. उसके ननिहाल अदलपुर में भी मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.
सजावट के लिए फूल व माला लेकर जा रहा था टेंपो
जानकारी के अनुसार टेंपो सजावट के लिए फूल माला लेकर परिहार थाना क्षेत्र के धरहरबा गांव जा रहा था. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना के लिए जिम्मेवार टेंपो को जब्त करते हुए उसके चालक वैशाली जिले के बेलसर थाने ने पटेढ़ी वार्ड संख्या छह निवासी सुरेश सिंह के पुत्र मुन्ना सिंह को हिरासत में ले लिया था. थानाध्यक्ष धनंजय कुमार पांडेय ने बताया कि शव आने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जायेगी. पीआर बांड पर चालक को मुक्त कर दिया गया है. टेंपो को थाने में ही रखा गया है. आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
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