सीतामढ़ी/बेला. ”चुपचाप रहो, पैसे और गहने दे दो, नहीं तो मार देंगे गोली” डकैतों से मिली इस धमकी के बाद सेवानिवृत्त उपसचिव रामाश्रय प्रसाद, पुत्र व पुत्रवधु खौफ से गोदरेज की चाबी दे दी. इसके बाद एक-एक कर महज आधा घंटा में ही हथियारबंद नकाबपोश डकैतों ने गोदरेज व बक्सा खाली कर पांच लाख कैश व सोने-चांदी के जेवरात लूट ले गये. गृहस्वामी ने बेटी की शादी को लेकर गहने बनवाकर रखे थे. वहीं, पुत्रवधु के भी गहने डकैतों ने लूट लिए. रात्रि करीब 12 बजे के आसपास बेला थाना क्षेत्र के भगवतीपुर वार्ड नंबर पांच में डकैतों ने धमक दी. गृहस्वामी का पालतू कुत्ता कई बार भौंका, लेकिन डकैतों के भय से गांव और पास-पड़ोस के लोग मुकाबले को आगे नहीं आये तथा अपने-अपने घरों में दुबके रहे. डकैतों की संख्या छह से सात बतायी गयी है. जबकि कुछ डकैत बाहर रेकी भी निगरानी को मौजूद थे. बोलचाल की भाषा से डकैतों में कुछ नेपाली थी थे. घटना को अंजाम देने के बाद सभी डकैत नेपाल सीमा की ओर भागने निकले. इनके नेपाल में घुसने की आशंका जतायी गयी है.
भारत-नेपाल सीमा से सटा है भगवतीपुर
मालूम हो कि भगवतीपुर भारत-नेपाल सीमा से सटा हुआ गांव है. यहां सीमा की सुरक्षा को लेकर सशस्त्र सीमा बल(एसएसबी) 51वीं बटालियन की तैनाती है, लेकिन इनके अधिकारी और जवानों को भनक तक नहीं लग सकी. हालांकि बाद में एएसपी सह सदर एसडीपीओ टू आशीष आनंद के साथ एसएसबी के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे. एएसपी ने गृहस्वामी से पूरी जानकारी ली. इस संदर्भ में गृहस्वामी के आवेदन पर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है.घटनास्थल से बॉर्डर तक गया श्वान, फिर लौटा
लूटपाट की गुत्थी सुलझाने और इसमें संलिप्त बदमाशों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने एसएसबी के डॉग स्क्वायड का सहयोग लिया. श्वान घटनास्थल पर पहुंचकर सुंघते नेपाल बॉर्डर तक गया, फिर लौट आया. अनुमान लगाया जा रहा की खुली सीमा का लाभ उठा गांव में प्रवेश व लूटपाट कर नेपाल में सीमा चले गए.डकैतों का सुराग तलाशने की हो रही कार्रवाई
घटना में शामिल डकैतों को चिन्हित कर धड़पकड़ की कार्रवाई की जा रही है. इसको लेकर विशेष टीम का गठन कर छापेमारी की जा रही है. नेपाल पुलिस से भी सहयोग लिया जा रहा है. जल्द ही मामले का उद्भेदन कर घटना में संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी कर ली जायेगी.आशीष आनंद, अपर पुलिस अधीक्षक सह सदर एसडीपीओ टू.
