रंजन पाठक समेत तीनों का दिल्ली में परिजनों ने किया अंतिम संस्कार

एनकाउंटर में मारे गए थाना क्षेत्र के मलाही गांव निवासी कुख्यात रंजन पाठक व उसके तीन सहयोगियों में से तीन का शव 66 घंटे बाद यानी शनिवार की रात पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिया गया.

सुरसंड. दिल्ली के रोहिणी सेक्टर में 22 अक्टूबर की मध्य रात्रि पुलिस एनकाउंटर में मारे गए थाना क्षेत्र के मलाही गांव निवासी कुख्यात रंजन पाठक व उसके तीन सहयोगियों में से तीन का शव 66 घंटे बाद यानी शनिवार की रात पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिया गया. रंजन का शव उसके भाई हेमंत पाठक उर्फ प्रिंस पाठक को, रंजन के पड़ोसी मनीष पाठक का शव उसके पिता अरविंद पाठक को व शिवहर जिले के पुरनहिया थानांतर्गत दोस्तिया गांव निवासी अमन ठाकुर का शव उसके पिता संजीव ठाकुर को सौंप दिया गया. जबकि बाजपट्टी थाना क्षेत्र के विमलेश सहनी उर्फ विमलेश महतो का शव लेने के लिए कोई नही गया. उसके पिता अशोक सहनी का कहना है कि किराया के अभाव में वह दिल्ली नहीं जा सके. रंजन के चाचा कामोद पाठक ने दूरभाष पर बताया कि दिल्ली के बेगमपुर थाने की पुलिस व दिल्ली गेट स्थित मौलाना आजाद हॉस्पिटल के चिकित्सक विगत दो दिनों से शव देने में आनाकानी कर रहे थे. उच्च पद पर आसीन उनके एक निकटतम संबंधी के पैरवी के बाद रविवार को शाम चार बजे से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हुई. सबसे पहले अमन ठाकुर उसके बाद मनीष पाठक व अंत में रंजन पाठक का पोस्टमार्टम हुआ. रात्रि करीब 8:30 बजे पोस्टमार्टम के बाद तीनो शव संबंधित परिजन को सौंप दिया गया. देर रात उत्तरी दिल्ली नगर निगम स्थित निगम गोध नामक श्मशान घाट पर परिजनों के द्वारा तीनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया.

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By VINAY PANDEY

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