सीतामढ़ी. जिले को बाल श्रम से मुक्त करने की दिशा में जिला प्रशासन की कार्रवाई के तहत सघन अभियान चलाकर मेहसौल थाना क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्र में आठ बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया. मुक्त करवाये गये बच्चों की उम्र 11 से 14 वर्ष के बीच है. इनमें चार बच्चे झारखंड के रहनेवाले हैं. सीनियर डीएसपी हेडक्वार्टर सह नोडल पदाधिकारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई मो नजीब अनवर ने मंगलवार को बताया कि संयुक्त रूप से सहयोगात्मक प्रयास बच्चों के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है. बाल श्रम के खिलाफ निरंतर थाना क्षेत्र के दुकानों प्रतिष्ठानों में की जा रही कार्रवाई का उद्देश्य बच्चों को बाल श्रम से बचाने एवं समुदाय के सदस्यों के बीच जागरूकता पैदा कर बाल श्रम मुक्त थाना क्षेत्र की परिकल्पना साकार करना है. कुल आठ बच्चों को मुक्त कराकर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करवाया गया है. नियोजक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जायेगी, साथ ही बाल श्रम किसी भी हाल में थाना क्षेत्र के दुकान प्रतिष्ठानों में बर्दास्त नही किया जायेगा. बाल श्रम करवाने पर प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होगी. डीएम के निर्देश के अनुपालन में जिला प्रशासन, पुलिस की जिला स्तरीय मानव तस्करी निरोध इकाई एवं एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन ( बचपन बचाओ आंदोलन) की संयुक्त पहल से की गयी उक्त कार्रवाई में पुअनि सह सदस्य एएचटीयू अनुप्रिया कुमारी, वरिष्ठ सहायक प्रोजेक्ट अधिकारी मुकुंद कुमार चौधरी, एपीओ शिव शंकर ठाकुर एवं मेहसौल थाना के सपुअनि संतोष कुमार आदि शामिल रहे.
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