सीतामढ़ी: नल-जल योजना बंद मिली तो खैर नहीं, 24 घंटे में खराबी दूर करने का डीएम का आदेश

सीतामढ़ी में कम वर्षापात के कारण संभावित पेयजल संकट को देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया है. जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने लोक स्वास्थ्य प्रमंडल की पेयजलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर गांव और टोले में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और बंद नल-जल योजनाओं को तत्काल चालू कराया जाए. लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

Sitamarhi News: सीतामढ़ी. कम वर्षापात के कारण जिले में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है. शनिवार को समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में लोक स्वास्थ्य प्रमंडल की पेयजलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई. डीएम ने अधिकारियों को हर गांव और टोले में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा बंद नल-जल योजनाओं को तत्काल चालू कराने का निर्देश दिया.

बंद नल-जल योजनाएं तत्काल चालू कराने का निर्देश

बैठक में हर घर नल का जल योजना के साथ जिले में पेयजल की उपलब्धता और भू-जल स्तर की स्थिति की समीक्षा की गई. डीएम ने अनुरक्षकों के लंबित भुगतान का शीघ्र निष्पादन कराने को कहा, ताकि बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को जल्द चालू कराया जा सके.

सभी बीडीओ और बीपीआरओ को अगली समीक्षा बैठक से पहले अपने-अपने क्षेत्र में चालू और बंद योजनाओं की अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.

पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में नियंत्रण कक्ष होगा सक्रिय

डीएम ने सभी बीडीओ को अपने-अपने प्रखंडों में नियंत्रण कक्ष संचालित करने तथा उसके बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया. इसका उद्देश्य पेयजल से जुड़ी शिकायतों की तत्काल जानकारी लेकर उसका समाधान सुनिश्चित करना है.

लापरवाही करने वाली एजेंसी पर होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिले के किसी भी गांव या टोले में पेयजल संकट की स्थिति नहीं बननी चाहिए. छूटे हुए टोलों में हर घर नल का जल योजना के काम में तेजी लाने का निर्देश कार्यकारी एजेंसियों को दिया गया.

उन्होंने चेतावनी दी कि निर्माण या जलापूर्ति कार्य में लापरवाही और धीमी गति पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

मोटर, पाइपलाइन और वाल्व की खराबी 24 घंटे में होगी दूर

डीएम ने सभी पेयजल योजनाओं का प्रतिदिन भौतिक निरीक्षण कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि खराब मोटर, पाइपलाइन, वाल्व और विद्युत संबंधी समस्याओं को 24 घंटे के भीतर दुरुस्त कराया जाए.

पंचायत राज विभाग से हस्तांतरित योजनाओं के नियमित रखरखाव के लिए प्रत्येक पंचायत में मरम्मत दल उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया.

अभियंताओं को क्षेत्र में रहने का निर्देश

पीएचईडी के कनीय अभियंताओं और सहायक अभियंताओं को अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रूप से उपस्थित रहने तथा मुख्यालय में आवासित रहने का निर्देश दिया गया. बीडीओ और सीओ को भी अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की लगातार निगरानी करने को कहा गया.

जल संकट से निपटने के लिए समन्वय पर जोर

बैठक में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था, भू-जल स्तर और जलापूर्ति योजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा हुई. डीएम ने सभी संबंधित विभागों और कार्यकारी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा, ताकि कम वर्षापात की स्थिति में भी आम लोगों को पेयजल के लिए परेशानी नहीं हो.

यह भी पढ़ें: सुबह बहन से हुई थी फोन पर बात, कुछ घंटे बाद मिली मौत की खबर, विवाहिता की संदिग्ध मौत पर उठे सवाल


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ पिछले 17 वर्षों से प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक दोनों माध्यमों में सक्रिय रहे हैं. एक खोजी पत्रकार के रूप में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है. भ्रष्टाचार, अपराध एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है. वे हमेशा सामाजिक सरोकारों और आम लोगों की समस्याओं को निष्पक्ष, निर्भीक और जनपक्षधर तरीके से उठाने के लिए जाने जाते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >