पुनौरा धाम : अधिग्रहित 50 एकड़ भूखंड पर सीमांकन व घेराबंदी कार्य प्रारंभ

जानकी जन्मभूमि, पुनौरा धाम में मंदिर निर्माण समेत पुनौरा धाम के विश्वस्तरीय समग्र पर्यटकीय विकास की दिशा में धीरे-धीरे काम आगे बढ़ रहा है.

सीतामढ़ी. जानकी जन्मभूमि, पुनौरा धाम में मंदिर निर्माण समेत पुनौरा धाम के विश्वस्तरीय समग्र पर्यटकीय विकास की दिशा में धीरे-धीरे काम आगे बढ़ रहा है. पहले चरण में मंदिर के पास पूर्व की करीब 17 एकड़ जमीन के अतिरिक्त करीब 50 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया. सरकार के कैबिनेट द्वारा करीब 880 करोड़ की राशि मंजूर की गयी. बीते आठ अगस्त को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह व सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों संयुक्त रूप से मंदिर निर्माण एवं समग्र पर्यटकीय विकास कार्यों का ऐतिहासिक रूप से भूमि-पूजन सह शिलान्यास किया गया. इसके बाद थोड़े दिन काम रुका रहा. फिर विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू हो गया और सभी चुनाव कार्यों में लग गये. चुनाव व नयी सरकार के गठन के बाद जिलेवासियों को शिलान्यास के बाद आगे का कार्य शुरू होने का इंतजार था. नये पर्यटन मंत्री अपने कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व पिछले दिनों जानकी जन्मभूमि, पुनौरा धाम आकर दर्शन एवं पूजन कर मां जानकी से आशीर्वाद लिये. इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में प्रेस कांफ्रेंस कर बताया था कि शीघ्र ही अधिग्रहित जमीन का सीमांकन कार्य प्रारंभ हो जायेगा. इसके बाद योजनाओं का क्रियान्वयन शुरू किया जायेगा. मंत्री ने बताया था कि लगभग 42 महीने में मंदिर निर्माण समेत समग्र पर्यटकीय विकास कार्य संपन्न कराने का सरकार का लक्ष्य है. इसके बाद भी लोगों को सीमांकन कार्य प्रारंभ होने का इंतजार था, लेकिन गुरुवार को यह इंतजार खत्म हो गया. इसकी सूचना मिलने के बाद प्रभात खबर की टीम ने शुक्रवार को पुनौरा धाम की उस जमीन की पड़ताल की, जिसे सरकार द्वारा अधिग्रहित की गयी है और जहां सीमांकन कार्य प्रारंभ किया गया है. भूखंड के पश्चिम दिशा से सीमांकन एवं घेराबंदी का कार्य प्रारंभ किया गया है.

पुनौरा धाम जानकी मंदिर के महंत कौशल किशोर दास के शिष्य रामकुमार दास व कार्यालय के एक कर्मी समेत कार्यकर्ता श्रवण कुमार आदि लोगों ने बताया कि गुरुवार को विभाग द्वारा अधिग्रहित भू-खंड का सीमांकन व घेराबंदी कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. इससे अब उम्मीद जग रही है कि अगले तीन-चार वर्षों में पुनौरा धाम इलाके का कायाकल्प हो जायेगा. हालांकि, अभी से ही पूरा जन्मभूमि क्षेत्र धार्मिक पर्यटकों से गुलजार रहता है. सीतापुरम सिटी के निर्माण और पुनौरा धाम के समग्र पर्यटकीय विकास के बाद आने वाले सालों में पुनौरा धाम की चकम देश-दुनियां में बढ़ेगी. यहां सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेंगे और शहर की समृद्धि बढ़ेगी.

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Author: VINAY PANDEY

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