बैरगनिया. प्रखंड क्षेत्र को तीन तरफ से घेरने वाली बागमती व लालबकेया नदी में आयी उफान से क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति तत्काल टल गयी है, लेकिन लोग डरे-सहमे हैं. दोनों नदियों के तटीय इलाकों में रहने वाले लोग भय के साए में दिन व रात गुजार रहे थे. क्षेत्र के किसान लगातार मूसलाधार बारिश व तेज हवाओं के कारण लहलहाती फसलों के गिरने से चिंतित हैं. नदियों के तटों पर बसे गांव मसहां आलम, मसहां नरोत्तम, नंदवारा, बेल, मुसाचक, आदमवान, चकवा, पताही, अख्ता, मधु छपरा आदि के लोग नदियों से गर्जन से भयाक्रांत होकर रातों को सो नहीं पा रहे थे. बागमती परियोजना के एसडीओ शिवानंद पटेल ने बताया कि बागमती नदी शनिवार देर रात्रि के बाद से खतरे के निशाने 71 सेमी से उपर 73 सेमी पर बह रही थी तथा लालबकेया नदी खतरे के निशान 71.15 सेमी के आसपास 70.40 सेमी पर बहनें लगी थी. जिले के अधिकारियों के निर्देशों पर दोनों पर बनाए गए बांध की निगरानी बढ़ा दी गयी है. बांधों में हो रहे सीपेज को देखते हुए उस स्थानों पर मरम्मत कार्य किया जा रहा है. एसडीओ ने बताया कि अब दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है. अब खतरे की बात नहीं है.
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