करंट लगने से जख्मी मजदूर की 20 दिन बाद हुई मौत, ठेकेदार फरार

थाना क्षेत्र के लौहडीह गांव में मनरेगा योजना से बन रहे पशु शेड के निर्माण के दौरान करंट से जख्मी हुए मजदूर की 20 दिन के बाद मौत हो गयी.

डुमरा. थाना क्षेत्र के लौहडीह गांव में मनरेगा योजना से बन रहे पशु शेड के निर्माण के दौरान करंट से जख्मी हुए मजदूर की 20 दिन के बाद मौत हो गयी. ठेकेदार पर मजदूरी मांगने पर करंट लगाकर मारने का आरोप लगाया है. मृतक मजदूर की पहचान थाना क्षेत्र के लौहडीह गांव निवासी स्वरुप सिंह के करीब 40 वर्षीय पुत्र रामअनेक सिंह के रुप में की गयी है. घटना की सूचना पर पहुंची डुमरा पुलिस ने मामले की जांच कर शव को कब्जे में लेकर पोर्स्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजन को सौंप दिया. मृतक की पत्नी इंदु देवी व पुत्र रुपेश कुमार ने पुलिस को बताया कि ठेकेदार दिनेश राय द्वारा काम करवाकर मजदूरी नही दिया जा रहा था. 16 फरवरी को ठेकेदार मृतक रामअनेक को बुलाकर ले गया और मजदूरी मांगने पर करंट लगा दिया. बाद में इलाज के लिए शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से पटना रेफर कर दिया गया. पटना में 20 दिन तक इलाज कराने के बाद घर लौटे थे. मंगलवार को रामअनेक की मौत हो गयी. इधर, मजदूर की मौत की सूचना मिलने के बाद ठेकेदार गांव से फरार हो गया है. थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने बताया कि 20 दिन पहले करंट लगने की जानकारी मिली है. इस संबंध में परिजन के आवेदन के आलोक में मामले की जांच व अन्य आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.

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By RANJEET THAKUR

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