सीतामढ़ी : सैकड़ों करोड़ के बागमती तटबंध निर्माण(सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा तक तटबंध) में अनियमितता की जांच को लेकर निगरानी विभाग, तकनीकी परीक्षण कोषांग के अधीक्षण अभियंता रमेश प्रसाद सिंह ने पूर्व सांसद नवल किशोर राय से जांच में सहयोग का आग्रह किया है. इस आशय का एक पत्र उन्होंने पूर्व सांसद को भेजा है. उक्त पत्र के आलोक में श्री राय ने अधीक्षण अभियंता को पांच बिंदुओं पर सुझाव भेजा है.
बागमती तटबंध निर्माण की शुरू होगी जांच
सीतामढ़ी : सैकड़ों करोड़ के बागमती तटबंध निर्माण(सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा तक तटबंध) में अनियमितता की जांच को लेकर निगरानी विभाग, तकनीकी परीक्षण कोषांग के अधीक्षण अभियंता रमेश प्रसाद सिंह ने पूर्व सांसद नवल किशोर राय से जांच में सहयोग का आग्रह किया है. इस आशय का एक पत्र उन्होंने पूर्व सांसद को भेजा है. […]

सुझाव में कहा है कि पुराने तटबंध का स्टेट्स रजिस्टर और अब नवनिर्मित तटबंध का स्टेट्स रजिस्टर मांग कर स्थल पर प्रत्यक्ष मिलान कर सत्यापन कर सैकड़ों करोड़ का लूट देखा जा सकता है. शिवहर, सीतामढ़ी एवं दरभंगा तक एचएससीएल कंपनी ने अवंतिका कंपनी को सब कॉन्ट्रैक्ट दिया और
अवंतिका कंपनी ने गैर कानूनी सैकड़ों सब कॉन्ट्रैक्ट को सबलेट किया जो स्थल जांच कर विभिन्न प्रकार से पता लगा कर करोड़ों की लूट देखा जा सकता है. बागमती की तीन धारा बहती है. चुकी दोनों तरफ एक से 10 मीटर रिभर साइड एवं कंट्री साइड में मिट्टी इंडियन स्टैंडर्स का उल्लंघन कर काट कर तटबंध बनाया गया जो एनएच 77 से शिवहर तक दोनों तरफ देख कर संतुष्ट हुआ जा सकता है.