खुलासा. पकड़ाने के बाद रची चालक के अपहरण की झूठी कहानी
सीतामढ़ी : पुलिस प्रशासन की सक्रियता से एक बार फिर जिले में अनाज माफियाओं की साजिश पर पानी फिर गया है. पुलिस की टीम ने जहां गरीबों के हक के सरकारी अनाज को कालाबाजारी में बिकने से बचा लिया है, वहीं सरकारी अनाज के काले कारोबार में शामिल एक कारोबारी व दो चालक समेत तीन को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर लिया है.
इस पूरे मामले में एफसीआइ के जिला प्रबंधक राधा रमण, शिवहर जिले के अनाज आपूर्तिकर्ता विजय गुप्ता, ट्रक चालक व अन्य माफियाओं की साजिश को प्रशासन ने बेनकाब कर दिया है. रैक प्वाइंट से अनाज को बगैर एफसीआइ गोदाम लाये व बगैर अनाज के वजन किये शिवहर भेजे जाने की बात कह कर एफसीआइ के जिला प्रबंधक खुद फंस गये.
वैसे यह पूरा प्रकरण अनाज माफियाओं का एक बड़ा साजिश था. ससमय सूचना के बाद पुलिस-प्रशासन सक्रिय हो गयी, लिहाजा माफियाओं ने ट्रक चालक के अपहरण की झूठी साजिश रच कर प्रशासन को गुमराह कर दिया. रैक प्वाइंट से सीधे शिवहर अनाज भेजा जाना हीं कालाबाजारी की पुष्टि करता है. दूसरी ओर पुनौरा एफसीआइ गोदाम से डेढ़ किमी की दूरी पर सड़क के किनारे ट्रक का पाया जाना भी पुष्टि करता है कि अनाज को बेचने की तैयारी थी. पब्लिक द्वारा नगर विधायक को इसकी सूचना दी गयी. नगर विधायक ने पुनौरा ओपी पुलिस को मामले की जानकारी दी. पुलिस जब तक मौके पर पहुंची अनाज माफियाओं में हड़कंप मच गया.
यहीं वजह है कि माफियाओं ने चालकों के साथ मिल कर एक अन्य ट्रक के चालक के अपहरण की साजिश रच डाली. हैरत की बात यह कि बुधन साह नामक जिस ट्रक चालक के अपहरण की बात सामने आयी है, मामले में गिरफ्तार नारायण साह उसका सगा भाई है.
अनाज की कालाबाजारी तीन गिरफ्तार
तीसरा है मामला: पिछले तीन दिनों में सरकारी अनाज के कालाबाजारी का यह तीसरा मामला है और तीनों हीं मामले को पुलिस प्रशासन की टीम ने खुलासा कर माफियाओं के मंसूबे पर पानी फेर दिया है. पहले रून्नीसैदपुर में 5 बोरा, दूसरे दिन सुप्पी में ट्रैक्टर समेत तीन बोरा व तीसरे दिन 900 बोरा लदे दो दो ट्रक जब्त कर पुलिस-प्रशासन ने अनाज माफियाओं की नींद उड़ा दी है. बेलसंड में सामने आये 1.68 करोड़ के सरकारी अनाज के गबन के बाद डीएम ने माफियाओं के खिलाफ नकेल कस दी है. लिहाजा सीतामढ़ी में अनाज की कालाबाजारी थम गयी है. जबकि कई कारोबारी बेरोजगार हो गए है.
इसी बीच अब शिवहर के अनाज माफिया सक्रिय हुए है जो सीतामढ़ी के सरकारी अनाज को शिवहर व मोतिहारी के इलाकों में बेचने में लगे है. बेरोजगार अनाज माफियाओं द्वारा अब ट्रक पर नजर रखी जा रहीं है और शक होने पर पुलिस प्रशासन को सूचना दी जा रहीं है. इसी क्रम में अनाज की कालाबाजारी का यह मामला सामने आया है. वैसे इलाके में अब तक अनाज की कालाबाजारी के लिए एसएफसी बदनाम रहा है. लेकिन अब इस सूची में एफसीआइ का भी नाम शामिल हो गया है.
