सीतामढ़ी : सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन के बुकिंग काउंटर के पास यात्रियों को रोक उनके रेल टिकट देखने के बहाने टिकट बदलने वाले गिरोह का एक सदस्य गुरुवार की शाम यात्रियों के हत्थे चढ़ गया.
यात्रियों ने जालसाज को पकड़ कर जीआरपी के हवाले कर दिया. हालांकि इस दौरान जालसाज का एक अन्य साथी भागने में कामयाब रहा. गिरफ्तार जालसाज की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के सरैया अजीजपुर निवासी लक्ष्मी साह के पुत्र संतोष कुमार साह के रूप में की गयी है. जबकि फरार होने वाले जालसाज की पहचान संतोष कुमार साह के पड़ोसी नागिन साहनी के पुत्र लक्ष्मण साहनी के रूप में की गयी है. जीआरपी ने संतोष कुमार साह के पास से रेलवे के 12 जाली टिकट बरामद किया है.
जीआरपी थानाध्यक्ष तारकेश्वर प्रसाद ने बताया कि पकड़ा गया संतोष कुमार साह लंबे समय से टिकटों की अदला-बदली के धंधे में शामिल है. उसके पास से बारह जाली रेल टिकट बरामद हुआ है, जो सीतामढ़ी से लोकमान्य तिलक टर्मिनल मुंबई का है. उधर, पूछताछ में संतोष ने रेल पुलिस को बताया है कि वह पहले पटना के राजेंद्रनगर स्टेशन से जाली टिकट लेता था. वर्तमान में मुजफ्फरपुर के गोरौल व तुर्की रेलवे स्टेशन से टिकट लेता है. उसने रेल कर्मियों के साथ अपनी मिलीभगत भी स्वीकार की. बताया कि ब्लेड की मदद टिकट का प्रिंट उड़ा कर मोहर के सहारे टिकट तैयार कर के यात्रियों से बदल लेते है.
और उक्त टिकट को काउंटर से कैंसिल करा कर चले जाते है. बताते चले कि गुरुवार को सीतामढ़ी के रास्ते मुंबई जाने वाली कर्मभूमि एक्सप्रेस में सफर के लिए नेपाल के महोतरी जिला के जलेश्वर थाना क्षेत्र के उदयानपुर निवासी नसीब राईन का पुत्र मो सदरे आलम सीतामढ़ी पहुंचा था. स्टेशन के बुकिंग काउंटर से उसने टिकट लिया. बुकिंग काउंटर से टिकट लेकर वह जैसे ही बाहर निकला, उक्त जालसाजों ने टिकट देखने के नाम पर उसे बदलने की कोशिश की. उसकी मंशा भांप सदरे आलम ने शोर मचाना शुरू किया. वहीं अपने सहयोगियों के साथ संतोष कुमार साह को पकड़ कर जीआरपी के हवाले कर दिया. हालांकि संतोष का साथी फरार हो गया.
जालसाजी
यात्री का रेल टिकट बदलने के दौरान धंधेबाज पकड़ाया
रेल टिकट बदलने के गिरोह का
एक अन्य सदस्य हुआ फरार
गिरफ्तार संतोष कुमार साह ने
किया जाली टिकट के कारोबार
का परदाफाश
