सीतामढ़ी/बैरगनिया : नेपाल सीमा पर बसे सीतामढ़ी के इंटरनेशनल मार्केट के रूप में ख्यातिप्राप्त बैरगनिया का इलाका एक बार फिर बदमाशों के निशाने पर है.
बदमाशों द्वारा लगातार व्यवसायी व पूंजीपतियों से कॉल कर रंगदारी मांगी जा रहीं है. दहशतजदा लोग रंगदारों को रंगदारी अदा भी कर रहे है. हालांकि बीच-बीच में रंगदारों के खिलाफ थाने में मामले दर्ज भी हो रहे है. रंगदारों के खिलाफ आवाज उठाने वाले पूर्व पार्षद राजीव गौतम उर्फ राजा बाबू की हत्या के बाद एक बार फिर बदमाशों के हौसले बुलंद हो गये है. अभी 18 अप्रैल को हीं बैरगनिया बाजार समिति परिसर में तीन गोदाम का निर्माण करा रहीं बालाजी इंटरप्राइजेज नामक कंपनी के ठेकेदार ठेकेदार भोजपुर जिले के बड़हरा थाना के सेमरिया निवासी कुणाल पांडेय से बदमाशों ने मोबाइल पर कॉल कर 20 लाख की रंगदारी मांगी थी.
पुलिस ने मामले में मुजफ्फरपुर से एक बदमाश को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. पुलिस अभी बदमाशों का पता लगाने में लगी हीं हुई है की, इसी बीच बैरगनिया शहर के प्रख्यात व्यवसायी मोहन प्रसाद के पुत्र सह इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायी सन्नी कुमार से 10 लाख की रंगदारी मांग कर बदमाशों ने सनसनी फैला दी है. हैरत की बात यह की रंगदारी की रकम जेल में बंद रंगदारी के लिए मौत का पर्याय बने शातिर राकेश झा ने मांगी है. इस पूरे मामले के बाद एक बार फिर सीतामढ़ी जेल भी निशाने पर है. एक बार फिर साबित हो गया है कि जिले में अपराध का जेल कनेक्शन अब भी बरकरार है.
इधर, सन्नी कुमार के आवेदन पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है. हालांकि रंगदारी मांगे जाने के इस ताजातरीन मामले के बाद इलाके के व्यवसायी, ठेकेदार व निर्माण एजेंसी दहशत में है. हालांकि बैरगनिया में रंगदारी का यह कोई पहला मामला नहीं है. बीते 15 दिनों के भीतर यह रंगदारी का दूसरा मामला सामने आया है.
सन्नी कुमार से पूर्व ठेकेदार कुणाल पांडेय से रंगदारी मांगी गयी थी. इसके पूर्व 5 मार्च 2017 को बैरगनिया के चर्चित चिकित्सक डॉ प्रदीप जासवाल से भी रंगदारी मांगी गयी थी. जिसमें 8 मार्च को रंगदारी की रकम वसूलने पहुंचे दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. बदमाशों को गिरफ्तार कराने में पूर्व पार्षद राजा बाबू ने अहम भूमिका अदा की थी.
इससे नाराज बदमाशों ने जेल में भी राजा बाबू की हत्या की साजिश रची और 27 मार्च को बैरगनिया शहर के मेन रोड में गोली मार कर राजा बाबू को जख्मी कर दिया था. जिनकी 29 मार्च को इलाज के क्रम में मौत हो गयी थी. इसके पूर्व जनवरी 2016 में 54 करोड़ की लागत से इंडो-नेपाल सड़क सह लालबकेया नदी के फुलवरिया घाट पर पुल का निर्माण करा रहे निर्माण कंपनी आरपी इंफ्रा लिमिटेड के ठेकेदार से भी कुख्यात मुकेश पाठक के नाम पर रंगदारी मांगी गयी थी.
बैरगनिया थाना में साल 2016 के जनवरी में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. तब एसपी हरि प्रसाथ एस के निर्देश पर निर्माण कंपनी के बैरगनिया स्थित बेस कैंप व निर्माण स्थल पर अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गयी थी. इधर, एक बार फिर रंगदारी की बढ़ती घटना दहशत का कारण बन रहीं है.
आक्रोश
इलाके में लगातार सामने आ रहीं रंगदारी मांगने की घटनाएं
15 दिनों के भीतर रंगदारी का दूसरा मामला आया सामने
18 अप्रैल को बालाजी इंटरप्राइजेज के ठेकेदार से मांगी गयी थी रंगदारी
हाल ही में चिकित्सक से मांगी गयी थी रंगदारी
बदमाशों का विरोध करने पर पूर्व पार्षद राजा बाबू की गोली मार कर की गयी थी हत्या
फिर सामने आया जिले में अपराध का जेल कनेक्शन
