सीतामढ़ी : राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने कहा कि जगतगुरु, जगत जननी व जगन्नाथ तीनों ही संपूर्ण सृष्टि के आधार हैं. तीनों ही विभूतियां सृष्टि के पालनहार व तारणहार हैं. तीनों का मिलन एक साथ हो, तो वह पल अद्भूत होता है. राज्यपाल श्री कोविंद बुधवार को जानकी जन्मस्थली पुनौराधाम में जानकी नवमी के अवसर पर श्री रामभद्राचार्य जी महाराज द्वारा जारी श्रीराम कथा के मंच से श्रद्धालुओं को संबोधित
जगतगुरु, जगतजननी व जगन्नाथ संपूर्ण सृष्टि के आधार : राज्यपाल
सीतामढ़ी : राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने कहा कि जगतगुरु, जगत जननी व जगन्नाथ तीनों ही संपूर्ण सृष्टि के आधार हैं. तीनों ही विभूतियां सृष्टि के पालनहार व तारणहार हैं. तीनों का मिलन एक साथ हो, तो वह पल अद्भूत होता है. राज्यपाल श्री कोविंद बुधवार को जानकी जन्मस्थली पुनौराधाम में जानकी नवमी के अवसर पर […]

जगतगुरु, जगतजननी व
कर रहे थे. उन्होंने कहा कि वे माता जानकी की प्रेरणा व अपने गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के निमंत्रण पर यहां आये हैं. माता जानकी की प्रकाटयस्थली पर आकर वे खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. अपने 12 मिनट के संबोधन में राज्यपाल ने लोगों को जीवन के मर्म से रू-ब-रू कराया. रामायण पर चर्चा करते हुए कहा कि राम के बगैर सीता और सीता के बगैर राम की कल्पना संभव नहीं है. जगतजननी के जरिये ही हम जगन्नाथ तक पहुंच सकते हैं. राम मर्यादा व आदर्श के प्रतीक हैं, जबकि माता सीता शक्ति की प्रतीक हैं. शक्ति व मर्यादा का संगम ही पूर्णता का साक्षी है. मर्यादा व आदर्श वहीं व्यक्ति रख सकता है,
जिसके पास शक्ति का आवरण हो. बगैर शक्ति के मर्यादा व आदर्श किसी काम का नहीं रह जाता. उन्होंने कहा कि राम व सीता पैदा नहीं हुए थे. दोनों प्रकट हुए थे. उन्होंने कहा कि पद केवल संवैधानिक नहीं होता है. मानवीय व सामाजिक जीवन में भी इनसान को पद मिले हैं. उदाहरण देते हुए कहा कि पति, भाई, बहन व पत्नी यह सब भी पद ही है. जब हम पद व प्रतिष्ठा का उपयोग करने लगते हैं, तो गलतियां भी शुरू होने लगती है. उन्होंने आम जनता से अपील की, कहा-भोगी मत बनो,
योगी बनो, न्यासी बनो. इसके पूर्व बिहार सरकार के हेलीकॉप्टर से विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच राज्यपाल पटना से एमपी से राज्यसभा सांसद सह सुरसंड प्रखंड के कोरियाही निवासी प्रभात झा व पूसा कृषि विवि के पूर्व वाइस चांसलर गोपाल जी त्रिवेदी के साथ डुमरा हवाई अड्डा मैदान में उतरे, जहां सांसद राम कुमार शर्मा व पूर्व मंत्री सुनील कुमार पिंटू समेत स्थानीय नेताओं ने भव्य स्वागत किया. परिसदन में विश्राम के बाद राज्यपाल पुनौरा
धाम मंदिर पहुंच कर जहां राम-जानकी पूजा अर्चना की. वहीं सीताकुंड की महाआरती की. साथ ही मंदिर परिसर में पौधा लगाये. मंदिर के भ्रमण के बाद राज्यपाल वापस आइबी लौट गये और फिर दोबारा पुनौराधाम मंदिर पहुंच कर राम कथा में शामिल हुए.
राज्यपाल ने माता जानकी की जन्मस्थली पुनौरा धाम में की पूजा-अर्चना
पुनौरा धाम में स्वामी रामभद्राचार्य की श्रीराम कथा में लिया भाग