सीतामढ़ी : पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी शहर से अपहरण कर नवविवाहिता को सीतामढ़ी शहर के बदनाम गली रेड लाइट एरिया में बेचने के मामले में सीतामढ़ी महिला थाने में चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.
रेडलाइट एरिया से मुक्त करायी गयी नवविवाहिता के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में रेडलाइट एरिया के सरगना रमजान खलीफा, मंजूर खलीफा, गोप खलीफा व उसकी पत्नी जीरो खातून को आरोपित किया गया है. दर्ज प्राथमिकी में आरोपियों पर जबरन कमरे में बंद करने, बेरहमी से पिटायी करने व वेश्यावृत्ति कराने का आरोप लगाया गया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरु कर दी है.
वहीं सदर अस्पताल में मंगलवार को पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया. कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद पुलिस ने पीड़िता को उसके परिजन को सौंप दिया है. जबकि सोमवार की शाम रेडलाइट एरिया से हिरासत में ली गयी चार महिलाओं को पूछताछ के बाद मुक्त कर दिया गया है.
उधर, मोतिहारी पुलिस भी पीड़िता का बयान दर्ज कर वापस लौट गयी है. महिला थानाध्यक्ष भूदेव दास ने बताया है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रहीं है. आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जायेगा.
क्या है मामला : एसपी हरि प्रसाथ एस के निर्देश पर सोमवार को महिला थाने में तैनात अवर निरीक्षक मनोज कुमार गुप्ता व महिला अवर निरीक्षक विभा रानी की टीम ने सिनेमायी अंदाज में रेडलाइट एरिया से आरती को नाटकीय अंदाज में मुक्त कराया था. सिविल ड्रेस में बाइक से पहुंचे अवर निरीक्षक मनोज कुमार गुप्ता ने दिलेरी दिखाते हुए नवविवाहिता को अपनी बाइक पर बैठा बदनाम गली से मुक्त करा लिया था. रेड लाइट एरिया के लोग कुछ समझ पाते दारोगा नवविवाहिता को लेकर नगर थाना पहुंच चुके थे.
जहां नवविवाहिता ने बताया की वह पटना जिले की रहने वाली आरती का पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में इसी साल 22 जनवरी को शादी हुई थी. वह ससुराल में रह कर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहीं थी. 14 अप्रैल को वह मोतिहारी स्थित एक संस्थान में दाखिला लिया और 15 अप्रैल को क्लास करने जा रहीं थी. रास्ते में चार बदमाशों ने उसे उठा लिया. वहीं बेहोश कर दिया. जब होश आया तो वह मुजफ्फरपुर में थी. वह मुजफ्फरपुर के किसी राजेश उर्फ गब्बर के घर में थी. इसके बाद 19 अप्रैल को कुछ लोग पहुंचे.
जिनसे दो लाख में सौदा कर बदमाशों ने नवविवाहिता को बेच दिया. 19 अप्रैल को वह सीतामढ़ी रेड लाइट एरिया में लायी गयी. तब से वह रेड लाइट एरिया में कैद थी. इधर, मोतिहारी में परिजनों ने उसके गायब होने का मामला दर्ज करा दिया. नवविवाहिता के अनुसार जिस व्यक्ति के घर में थी उसका नाम मो गोप है. जबकि उसके बेटे का नाम मुस्कान व बेटी का नाम गोरकी है. उसने बताया कि रेड लाइट एरिया में आते-जाते कई लोगों को उसने अपने परिजनों का मोबाइल नंबर देकर अपनी आपबीती सुनाते हुए दलदल से निकालने की गुहार लगायी. इसी बीच किसी ने उसके बहनोई को कॉल कर जानकारी दी. उसका बहनोई सीतामढ़ी पहुंच कर रेड लाइट एरिया में गया.
जहां लड़की को देख नगर थाना पहुंचा. साथ ही परिजनों को जानकारी दी. परिजनों ने एसपी को कॉल कर पूरे मामले की जानकारी दी. एसपी द्वारा महिला थानाध्यक्ष को कार्रवाई का आदेश दिया गया. महिला थानाध्यक्ष भूदेव दास के निर्देश पर अवर निरीक्षक मनोज कुमार गुप्ता व महिला अवर निरीक्षक कुमारी विभा रानी ने ऑपरेशन को अंजाम दिया. इस दौरान रेड लाइट एरिया से चार महिलाओं को भी हिरासत में लिया गया था. देर शाम मोतिहारी पुलिस भी सीतामढ़ी पहुंच कर पूछताछ की. पूछताछ में नवविवाहिता द्वारा पूरे मामले की जानकारी दी गयी. इसके बाद मंगलवार को मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने हिरासत में ली गयी महिलाओं को मुक्त कर दिया है.
